Saturday , September 22 2018

भारतीय संस्कृति की उत्पत्ति सिंध प्रांत में : मोहन भागवत

नागपुर। ​राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति की उत्पत्ति सिंध प्रांत में हुई है। सिंधी भाषा की सुरक्षा भारत की सुरक्षा है। वह दयानंद पार्क, जरिपटका में भारतीय सिंधु सभा द्वारा आयोजित चैत्रिचंद महोत्सव में एक विशेष अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

इस मौके पर भारतीय सिंध सभा के घनश्यामदास कुकरेजा, नगर निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुकरेजा, सतीश आनंदानी, राजेश बारवानी, सुनील वासवानी, दीपक बखानी और अनिल भारद्वाज उपस्थित थे। मोहन भागवत ने कहा भारत में विभिन्न भाषाएं और क्षेत्र हैं।

प्रत्येक प्रांत का अलग-अलग भोजन है लेकिन ये सब बातें हमें एक देश से जोड़ती हैं। भाषा, क्षेत्र और सभ्यता इस देश के गहने हैं। यहां के त्योहारों की अपनी विविधता है लेकिन इसके पीछे की भावना की एकता है।

अपने भाषण में घनश्यामदास कुकरेजा ने सिंध संस्कृति के सम्बन्ध में बात राखी। उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत से आए समाज अब भारत को सिंध प्रांत मानता है। सचदेव ने कार्यक्रम का आयोजन किया।

TOPPOPULARRECENT