श्रमिकों के भारत बंद से देशभर में भारी नुकसान!

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केंद्रीय ट्रेड यूनियन व राष्ट्रीय फेडरेशन के आह्वान पर गुरुवार को देशव्यापी हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियन व कामगार संगठन के एकदिवसीय हड़ताल पर रहने के कारण प्राइवेट बैंक को छोड़कर जिले के सभी बैंक में लेनदेन का कार्य प्रभावित हुआ।

भास्कर डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, इससे लगभग 25 करोड़ रुपए का लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं हड़ताल में सैंकड़ों कामगारों ने शहर के विभिन्न मार्ग में जुलूस निकालकर केंद्र व बिहार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

विरोध प्रदर्शन के क्रम में बस स्टैंड में लगभग एक घंटे तक एनएच को जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के कारण कामगार के एक शिष्टमंडल ने डीएम से मिलकर राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र भी सौंपा।

सड़क जाम करने से पूर्व किसान मजदूर, कामगार, जनजागरण संगठन के सदस्य, भाकपा-माले, सीपीआईएमएल आदि के सदस्यों ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में एकजुट हुए।

उसके बाद सभी संगठन के सदस्यों ने शहर के सदर अस्पताल चौक, चांदनी चौक, थाना चौक, एडीबी चौक से जुलूस निकालते हुए बस स्टैंड पहुंचा जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया।

कामगारों ने संविधान दिवस पर संकल्प लिया कि संविधान की मूल आत्मा समता मूलक, न्याय आधारित समाज है जिसे हमलोग किसी को सूरत में हासिल कर के रहेंगे चाहे केंद्र व राज्य की सरकार कितना भी दमन करे।

श्रमिकों की मांग में रसोइया, सभी प्रकार के अनुबंध पर नियोजित कर्मचारियों व श्रमिकों को न्यूनतम 18 हजार रुपए मासिक वेतन देने, सभी निर्माण मजदूर का पंजीकरण कर लाभ देने, मनरेगा में 200 दिनों का काम देने, किसानों को सभी फसलों के लिए सीटू के आधार पर लागत का डेढ़ गुना कीमत देने, किसानों को कर्ज मुक्ति के लिए ऋण माफ करने, धान, गेहूं, मकई, दलहन की खरीद बड़े पैमाने पर शुरू करने आदि की मांग शामिल है।

इस विरोध प्रदर्शन में रसोइया संघ के सचिव चन्द्रिका सिंह चौहान, सीटू के राम विनय राय, प्रमोद, जन जागरण शक्ति संगठन के कामायनी स्वामी आशीष रंजन आदि शामिल थे।