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अल-बन्ना के पोते प्रोफेसर तारिक़ रमदान अपने ऊपर लगाए गए बलात्कार केआरोप को गलत बताया

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय इस्लामिक स्टडीज के प्रोफेसर तारिक़ रमदान पर फ्रेंच लेखक कार्यकर्ता हेन्डे आइरी द्वारा बलात्कार के आरोपों को गलत बताया है

तारिक़ रमदान-55 सेंट एंटनी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ओरिएंटल अध्ययन के संकाय में समकालीन इस्लामिक अध्ययन के प्रोफेसर हैं वह मुस्लिम ब्रदरहुड के संस्थापक हसन अल-बन्ना के पोते  भी हैं।

फ्रेंच लेखक हेन्डे आइरी द्वारा आरोप लगाया  गया है कि उनकी मुलाक़ात 2012  में पेरिस में इस्लाम पर एक सम्मेलन के बाद उनके अपने होटल के कमरे में आमंत्रित करने के बाद हुई जिसके बाद उन्होंने हम पर हमला करने की कोशिश की

हेन्डे आइरी ने टेलीग्राफ  को इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने रूमेन में अभियोजक के कार्यालय के साथ बलात्कार यौन उत्पीड़न, हिंसा, उत्पीड़न और धमकी के लिए प्रोफेसर रमजान के खिलाफ आरोप दायर किए थे।

प्रोफेसर तारिक़ रमदान मुस्लिम ब्रदरहुड के संस्थापक हसन अल-बन्ना के पोते हैं, टोनी ब्लेयर ने 2005 में लंदन में 7/7 के हमलों के बाद ब्रिटेन में अतिवाद से निपटाने में मदद के लिए टास्क फोर्स पर काम करने के लिए उन्हें चुना था।

उन्होंने धर्म  और उसकी विश्वास की स्वतंत्रता पर विदेशी कार्यालय सलाहकार समूह के साथ टोरी पीर बैरनेस वारसी की अध्यक्षता में काम किया है वह ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के समकालीन इस्लामिक अध्ययन के प्रोफेसर हैं।

प्रोफेसर ने अपने वकील, यासीन बुज़ौव के माध्यम से एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह “इन सभी झूठे आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर करते हैं” और रुयेन में सरकारी अभियोजक के साथ बदनामी और मानहानि के लिए शिकायत दर्ज करवाएंगे।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक प्रवक्ता ने कहा: “हम इन रिपोर्टों के बारे में जानते हैं और उन्हें हम बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। हम इस समय कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।

हेन्डे आइरी ने पिछले साल प्रकाशित एक पुस्तक में कथित हमले के लिए एक अध्याय “I Chose to be Free” नाम से समर्पित किया है,  जिसमें बताया गया है जिस में वर्णन किया गया है की कैसे वो पिछले २० सालों से अति-रूढ़िवादी व्याख्या – सलाफिस्त इस्लाम को जानती थीं

 

अपनी किताब में उसने अपने कथित बलत्कारी को उपनाम ज़ौबेयर (Zoubeyr)  दिया है। शुक्रवार की रात उनके फेसबुक पेज पर लिखा कि “आज मैं पुष्टि करती हूं कि प्रसिद्ध ज़ौबेयर वास्तव में, तारिक रमजान है”, आगे कहा कि “मैं कई वर्षों से प्रतिशोध के भय से चुप रही ”

अपनी किताब में, ट्यूनीशियन मूल के हेन्डे आइरी लिखती हैं कि वह 2012 में पेरिस में आयोजित फ्रांस के इस्लामिक संगठन संघ के एक समारोह में प्रोफेसर रमजान मिली थीं, प्रोफेसर रमजान जिनकी वह उस समय प्रशंसक थीं उन्हें ने अपने होटल में मिलने के लिए आमंत्रित किया था। उसने कहा कि वह हैरान थी कि उन्होंने उसे लॉबी के बजाय अपने कमरे में मिलने के लिए कहा ।

उसने दावा किया कि जब वह कमरे में गई तो प्रोफेसर ने अपनी बाहों में जकड़ लिया और चुम्बन करने लगे और जब मैं ने विरोध किया तो  उन्होंने मुझे अपमानित किया। “मैं उन कृत्यों का सटीक विवरण नहीं दूंगी जो उसने मेरे साथ किया था यह जानना काफी है कि उसने मेरी कमजोरी से काफी फायदा उठाया। ”

उनका दावा है कि रमज़ान ने उन्हें  उस क बाद कई महीने तक उन्हें मैसेज करते रहे और दोबारा मिलने को कहा लेकिन हमने मना कर दिया

आइरी ने शुक्रवार को कहा कि हालांकि, “वकीलों और विशेषज्ञों को देने के लिए उनके पास उनकी तरह पैसा नहीं है लेकिन वो इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगी चाहे इस का अंजाम कुछ भी हो”

प्रोफेसर रमजान, एक स्विस नागरिक हैं जो जिनेवा बड़े हुए हैं , उन्हें हमेशा एक सुधारवादी के रूप में प्रशंसा मिली है और हमेशा कट्टरपंथी सोच की निंदा की है

वह मुस्लिम ब्रदरहुड के संस्थापक हसन अल-बन्ना के पोते  भी हैं। 1 99 5 में, अल्जीरियाई आतंकवादियों से संपर्क के अंदेशे में  फ्रांस जाने से अस्थायी रूप से रोक लगा दी गयी थी, 2003 में उनका फ्रांस के तत्कालीन गृह मंत्री, निकोलस सरकोजी के साथ झगड़ा हुआ जब उन्होंने स्टोनिंग की निंदा करने से इंकार कर दिया. 2004 में, वे इंडियाना में, नॉट्रे डेम विश्वविद्यालय में इस्लामिक अध्ययन के प्रोफेसर के रूप में  बहाल हुए थे लेकिन अमेरिकी सरकार ने उन्हें “आतंकवादी संगठन को सामग्री का समर्थन प्रदान करने” के शक मे प्रतिबंध लगा दिया था।

हालांकि, उन्होंने तर्क दिया कि आतंकवादी संगठन के साथ उनका ऐसा कोई भी संबंध नहीं था और छह साल बाद, तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने प्रतिबंध हटाया ,तब से वो सेंट एंटनी कॉलेज, ऑक्सफोर्ड  पढ़ा रहे हैं.

हेन्डे आइरी के वकील, योनास हद्दाद ने कहा कि उन्होंने  रमदान खिलाफ कानूनी शिकायत दायर की है अभियोजक को अब यह निर्णय लेना है कि रमदान पर आरोप लगाने हैं या नहीं ।

 

 

 

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