Saturday , August 18 2018

राजस्‍थान की महिलाओं ने दी चेतावनी, ‘पद्मावत’ पर रोक लगाओ नहीं तो करेंगी जौहर

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के रिलीज होने पर अब महिलाओं ने जौहर करने की चेतावनी दी है। महिलाओं ने चित्तौड़गढ़ किले के उसी स्थान पर जौहर की चेतावनी दी है जहां रानी पद्मिनी ने 16 हजार रानियों और दासियों के साथ जौहर किया था।

शनिवार को चित्तौड़गढ़ में सर्व समाज की बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि देश में कहीं भी पद्मावत रिलीज हुई तो वे जौहर करेंगी। बैठक में राजपूत समाज की महिलाओं के साथ ही अन्य समाजों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। बैठक में तय किया गया कि 17 जनवरी से राजमार्ग जाम करने के साथ ही रेल यातायात भी अवरुद्ध किया जाएगा।

सर्व समाज का एक प्रतिनिधि मंडल रविवार को दिल्ली जाकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिह से मुलाकात करेगा। सिह से देशभर में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।

राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिह कालवी ने बताया कि शनिवार को चित्तौड़गढ़ की बैठक में हुआ फैसला राजपूत समाज ने ही नहीं बल्कि सभी समाजों ने मिलकर किया है।

उन्होंने कहा कि करणी सेना ने पहले 25 और 26 जनवरी को भारत बंद की योजना बनाई थी, लेकिन इस दिन गणतंत्र दिवस होने के कारण अब इसे स्थगित कर दिया गया है। अब आंदोलन 17 जनवरी से ही शुरू होगा।

चित्तौड़गढ़ जौहर स्मृति संस्थान के महामंत्री भंवर सिह ने बताया कि एक बार फिर चित्तौड़गढ़ किला बंद करने की तैयारी की जा रही है। सर्व समाज और जौहर स्मृति संस्थान इससे पहले भी चित्तौड़गढ़ किले को दो दिन तक बंद कर चुका है, जिसके कारण हजारों पर्यटकों को वापस लौटना पड़ा था।

रविवार शाम को नोएडा में करणी सेना और राजपूत संगठन ने सोमवार को जमकर उत्पात मचाया. दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईओवर पर तोड़फोड़ की गई. उत्पातियों ने बैरिकेड में आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने एसपी सिटी के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया. इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 20 लोग नामजद किए गए हैं और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं गुड़गांव में करणी सेना के लोगों ने थिएटर मालिकों को चिट्ठियां बांटी.

गुजरात में भी फ़िल्म पद्मावत का विरोध हो रहा है. फ़िल्म के विरोध में करणी सेना ने गुजरात के कई हिस्सों में हंगामा किया है, जिसे देखते हुए गुजरात राज्य परिवहन ने उत्तर गुजरात में बस सेवा रोक दी है. मेहसाणा, पाटन, गांधीनगर, साबरकांठा और बनासकांठा में हालात सुधरने तक बस सेवा बंद की गई है. करीब 100 रास्तों पर बसों का परिचालन रोका गया है. रविवार को कुछ बसों में तोड़फोड़ की गई थी, जिसके बाद राज्य परिवहन ने ये फ़ैसला लिया है. इससे पहले शनिवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने राजहंस सिनेमा हॉल के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

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