Thursday , April 26 2018

तीन तलाक विधेयक पेश ,सरकार ने बताया एतिहासिक, सांसद में गरजे ओवैसी

तीन तलाक खत्म करने का बिल संसद में पेश हुआ है, जिसके खिलाफ विपक्षी दलों ने विरोध जताया। सांसद ओवैसी का कहना है कि ये बिल मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। वहीं सराकर की ओर से कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग मौलिक अधिकार और बराबरी के अधिकारों की बात करते हैं, वे महिलाओं के अधिकारों के सरंक्षण के लिए लाए जा रहे बिल का विरोध क्यों हो रहा है?
सरकार की ओर से कानून मंत्री रवि शंकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी तीन तलाक को गलत बताया है और कहा कि ये बिल महिलाओं के हक में है।
बिल में एक साथ तीन तलाक और तलाक-ए-बिद्दत को अवैध करार दिया गया है। बिल में मौखिक, लिखित अथवा ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप इत्यादि सभी तरीकों से एक साथ तीन तलाक को अवैध करार दिया गया है और इसके लिए पति को तीन साल की कैद का प्रावधान किया गया है।

सरकार यह बिल इस वजह से ला रही है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साथ तीन तलाक को गलत करार दिए जाने के बावजूद यह बदस्तूर जारी है। प्रस्तावित कानून एक साथ तीन तलाक के मामले में लागू होगा और यह पीड़िता को अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता हासिल करने के लिए मजिस्ट्रेट से संपर्क करने का अधिकार देगा। इसके साथ ही महिला मामले में अंतिम निर्णय लेने वाले मजिस्ट्रेट से अपने नाबालिग बच्चों को अपने पास रखने का अधिकार मांग सकती है।

TOPPOPULARRECENT