पहलू खान के बेटे ने कहा: गाय के नाम पर हिंसा का शिकार हो रहे मुस्लिम भी भारतीय ही है

पहलू खान के बेटे ने कहा: गाय के नाम पर हिंसा का शिकार हो रहे मुस्लिम भी भारतीय ही है
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नई दिल्ली: हाल ही में हरियाणा के पशु व्यापारी पहलू खान को राजस्थान के अलवर में गौरक्षकों ने गौतस्करी का आरोप लगाते हुए अपनी हिंसा का शिकार बना दिया। उस दिन उनके साथ कई अन्य लोग भी इस हिंसा का शिकार बने थे।
पहलू खान की हत्या के बाद उनका बेटा अरशद अपने पिता के साथ हुए सलूक के कारण गुस्से और निराशा में है।

पहलू खान के बेटे अरशद ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में कृषि संकट, काऊ पॉलिटिक्स और लिंचिंग (हत्या) पर बोलते हुए उसने कहा कि, मुसलमानों को कुछ लोग बोलते हैं पाकिस्तान जाने को पर मैं इस देश में पैदा हुआ था और इस देश का हूं।

साथ ही उन्होंने कहा कि, डेयरी उत्पादन कोई नया पेश नहीं है हमारे पास सभी दस्तावेज थे। साथ ही पहलू खान के बेटे अरशद ने कहा कि मुस्लिमों के लिए भी गाय माता है, लेकिन इसके लिए आपको किसी भी इंसान की जान नहीं लेनी चाहिए। मेरे पिता की हत्या को तीन महीने हो गए लेकिन न्याय के आसपास कोई भी बातचीत नहीं हुई।
इस चर्चा पर प्रख्यात इतिहासकार प्रोफेसर डी एन झा, जिन्होंने “द माइथ ऑफ द होली काऊ” लिखी है ने इतिहास से जुड़े तर्कों को संक्षेप में बताते हुए कहा कि हमारे पूर्वज गोमांस खाने के पक्ष में थे।
इतिहास इस बात का गवाह है कि इसके लिए गाय की बलि वे अपने हाथों से देते थे।

भारत माता, गोमाता और हिदुत्व 19वीं सदी की अवधारणा है, हमें इसकी पुरातनता पर सवाल करना चाहिए।

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