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राज्य की जनता सूखे की चपेट में और मुख्यमंत्री अमेरिका दौरे पर

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 दिनों की अमेरिका की यात्रा पर हैं. वहां वे राज्य में निवेश आकर्षित करने के साथ दीनदयाल उपाध्याय फोरम के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे विपक्षी कांग्रेस ने राज्य के एकतिहाई जिलों के सूखाग्रस्त होने की वजह से मुख्यमंत्री को यह यात्रा स्थगित करने को कहा था, लेकिन सरकार को लगता है मुख्यमंत्री का खर्चा जोड़ना सही नहीं है.

अपने विदेशी दौरे पर रवाना होने से पहले शिवराज सिंह ने कहा था उन्हें इसलिए आमंत्रित किया है कि दीनदयाल उपाध्याय ने वैकल्पिक दर्शन पूरी दुनिया को दिया. साम्यवाद फेल हो गया, कम्यूनिजम रूस में नहीं बचा, चीन में भी उसका स्वरूप पूरी तरह बदल गया. पूंजीवाद सही रास्ता नहीं है. इसलिए एक वैकल्पिक रास्ता दुनिया की बेहतरी का उन्होंने दिया. इसलिए दीनदयाल के दर्शन को अमेरिका में प्रचार-प्रसार के लिए वे जा रहे हैं. अपनी यात्रा में वे अक्षरधाम मंदिर जाएंगे, कारोबारियों से मिलेंगे, म्यूजियम देखेंगे. उनके साथ कई अधिकारी भी हैं. सरकार को लगता है इस कार्यक्रम से राज्य में निवेश आएगा. वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा कि मुख्यमंत्री वहां पूंजी निवेश के लिए गए हैं कई बार सफलता मिलती है और कई बार नहीं मिलती.

2016 में मध्य प्रदेश में हुए निवेशकों के सम्मेलन में 5 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव आए, लेकिन कुल निवेश कितने का हुआ इस बारे में कोई ठोस जानकारी सरकार नहीं दे रही है. आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा यहां इनवेस्टर मीट अपनेआप में घोटाला है. कुल मिलाकर 100 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए. 2007,10,14,16 में हुए आयोजनों में बड़े राज्यों में रोड शो किए गए, विदेश में प्रचार हुआ, लेकिन एक रूपये का निवेश देखने को नहीं मिला,

नेता विपक्ष अजय सिंह ने भी मुख्यमंत्री को यात्रा रोकने के लिए खत लिखा था. उन्हें राजधर्म निभाने की सलाह देते हुए कह रहे हैं प्रदेश इस समय सूखे का सामना कर रहा है. सूखे से निपटने की योजना बनानी चाहिए, ना कि विदेश दौरा करना चाहिए.

मुख्यमंत्री के आने के बाद, राज्य के विधायक खेती-किसानी पढ़ने के लिए विदेश जाएंगे. 12 दिनों के लिए हर दल से चुने 25 विधायक चीन, जापान, या सिंगापुर में खेती-किसानी की तकनीक समझने की कोशिश करेंगे.

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