Saturday , September 22 2018

मध्य प्रदेश : पांच संतों को राज्यमंत्री के दर्जे को हाईकोर्ट में चुनौती

शिवराज सरकार द्वारा 5 संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के बाद इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। दरअसल, शिवराज सरकार में पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है, जिसमें कंप्यूटर बाबा, भय्यूजी महाराज, नर्मदानंद, हरिहरनंद, पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं।

राम बहादुर शर्मा नाम के शख्स ने हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में शिवराज सरकार द्वारा पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की है। राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इन सबके बीच अचानक पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है।

गौरतलब है कि कंप्यूटर बाबा और योगेंद्र महंत ने सरकार के खिलाफ नर्मदा घोटाला यात्रा निकालने का ऐलान किया था। इसके लिए उन्होंने 28 मार्च को इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंप्यूटर बाबा ने शिवराज की नर्मदा यात्रा वृक्षारोपण पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।

उन्होंने एक अप्रैल से नर्मदा घोटाला यात्रा निकालने का ऐलान किया था। इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी तैयारी मीडिया को बताई थी। कंप्यूटर बाबा ने नेताओं की शैली को लेकर शिवराज पर आरोप लगाए थे।

सूत्रों के मुताबिक, आंदोलन की खबर मिलने के बाद शिवराज के करीबी माने जाने वाले मंत्री रामपाल सिंह ने बाबाओं से संपर्क किया। खासतौर पर उन्होंने कंप्यूटर बाबा और महंत से बातचीत की। इसी बातचीत में राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने की बात पर सौदा तय हुआ। सौदे के तहत यात्रा रोकी गई और सरकार ने आनन-फानन में राज्यमंत्री दर्जे के आदेश पारित कर दिए। आदेश के बाद बाबाओं के सुर बदल गए।

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