Friday , June 22 2018

डॉक्टर कफील के भाई पर जानलेवा हमला घृणा की राजनीति : ई अबूबकर

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चेयरमैन ई अबूबकर ने एक बयान में गोरखपुर के डाक्टर कफील खान के छोटे भाई काशफ जमील पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की है। यह हादसा यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी की वजह से 63 मासूम बच्चों की मौत होने के बाद से यूपी सरकार डॉक्टर कफील पर अपना गुस्सा निकाल रही है। इस तथ्य के बावजूद कि डॉक्टर कफील ने बच्चों की जान बचाने की पूरी कोशिश की।उन्हें सरकार की प्रशासनिक मामलों की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए बलि का बकरा बनाया गया और छह महीनों के लिए जेल भेज दिया गया।

उनके भाई पर हमला इस बात का सबूत हैं कि अभी डॉक्टर कफील खान के प्रति आक्रोश भरा है उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदेश की जनता को चाहिए कि वह इस बढ़ती अराजकता और असुरक्षा के खिलाफ आगे आए। अबूबकर ने यूपी पुलिस और गुण्डों की मदद से राजनीतिक विरोधियों को इस तरह से निशाना बनाए जाने के खिलाफ न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

इस बीच, संघ परिवार के गुंडे देश के विभिन्न भागों में अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बना रहे हैं। हाल ही में, झारखंड में देर रात नमाज़ पढ़ के लौट रहे मौलाना अजहर इस्लाम और उनके भाई मौलाना इमरान पर भीड़ ने हमला कर दिया।

ई अबूबकर ने कहा कि इस बाबत प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों की लगातार चुप्पी इस बात का द्योतक है कि भाजपा अधीनस्थ राज्यों में सरकार द्वारा राज्य मशीनरी को आपराधिक रंग में रंगने की कोशिश की जा रही है।

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