Tuesday , April 24 2018

हत्यारे शंभूलाल के समर्थन में जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने पश्चिम बंगाल के अफ़राजुल की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फ़ैलाने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने माहौल बिगड़ने के अंदेशे को देखते हुए राजसमंद और उदयपुर ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी है और इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है.

उदयपुर के आईजी आनंद श्रीवास्तव ने बताया, “अफ़राजुल की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कुछ नफरत फैलाने वाले संदेश प्रसारित किए जा रहे थे. इसे देखते हुए राजसमंद और उदयपुर ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी गई है.

आपत्तिजनक पोस्ट डालने और अफवाह फ़ैलाने के मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इनमें से चार लोगों को राजसमंद और दो को उदयपुर से गिरफ़्तार किया गया है.”

श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग हत्या के अभियुक्त शंभूलाल रैगर के समर्थन में गुरुवार को राजसमंद में जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे हैं.

इनमें से कुछ लोग फ़ेसबुक, व्हाट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया मंचों के जरिए उन्माद पैदा करने और माहौल बिगाड़ने में जुटे थे. इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए हैं.

आईजी श्रीवास्तव ने ये भी जानकारी दी, “पुलिस ने उस बैंक खाते पर भी रोक लगा दी है, जिसमें शंभूलाल रैगर के लिए पैसा जमा कराने की बातें की जा रही थी.”

पुलिस ने राजसमंद के शंभू रैगर को बीते हफ्ते पश्चिम बंगाल के मजदूर अफ़राजुल की कथित लव जिहाद के नाम पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

शंभू ने शुरुआती जाँच में एक स्थानीय लड़की को बंगाल से बचाकर लाने की बात कही थी, लेकिन पुलिस सूत्रों ने बताया कि उस लड़की ने इस बात से इनकार किया है. पुलिस के मुताबिक अफ़राजुल तो उस लड़की को जानता भी नहीं था.

इस बीच, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर मीडिया से बातचीत में राजसमंद ,अलवर और जैसलमेर में अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्तियों की हत्या को शर्मनाक बताया और कहा कि हर जगह अभियुक्त पकडे गए हैं.

राजसमंद की घटना को लेकर राजधानी जयपुर समेत कई ज़िलों में सामाजिक संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.अल्पसंख्यक समुदाय ने गत शुक्रवार को उदयपुर में मार्च कर इस घटना की निंदा की. उधर, पुलिस ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है.

सौजन्य- BBC हिंदी

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