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सहारनपुर में एहसान के एनकाउंटर पर सवालों के घेरे में यूपी पुलिस

किसान को गोली मार लूटकर भाग रहे बदमाशों से थाना सरसावा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सहारनपुर पुलिस ने इनामी बदमाश एहसान उर्फ सलीम को मार गिराया। वहीं उसका साथी भाग निकला। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एक दरोगा सचिन शर्मा भी घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सहारनपुर में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सलीम को मुठभेड़ में मार गिराया और घटना स्थल से एक लाख रुपये, एक मोटरसाइकिल और पिस्टल बरामद किये गए।

लेकिन सच्चाई कुछ अलग ही है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इस मामले में कई खामियां हैं। सहारानपुर एसएसपी के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट में बबलू कुमार ने कहा कि दो लोगों को चेक-पोस्ट पर देखा गया और वे मंडी के अंदर चले गए। 25 मार्च, 2017 को सम्राट विक्रम कॉलोनी में जांच के दौरान दो मोटरसाइकिलों को पुलिस ने देखा और एक का पीछा किया तो मोटरसाइकिल फिसल गई और इस पर सवार नीचे गिर गए।

प्रेस नोट में मंडी के बाहर पुलिस पर सलीम की गोलीबारी का उल्लेख नहीं है, जिसकी मंडी पुलिस स्टेशन एसएचओ मुनिंदर सिंह जो रविवार को मुठभेड़ में शामिल थे, ने पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि हम पहले से ही सलीम को किसान से 1 लाख रुपये लूटपाट के बारे में सतर्क कर रहे थे। लगभग 1.30 बजे एक मोटरसाइकिल पर दो लोगों को देखा गया और जब उन्हें रोकने के लिए कहा गया तो उन्होंने हमला किया और मंडी के अंदर भाग गए और उनका पीछा किया गया। मंडी के अंदर कुछ शॉट फेंक दिए गए।

प्रेस नोट में कहा गया कि गिरने के बाद दो लोग अलग-अलग दिशाओं में भागे और मारने के इरादे के साथ पुलिस पर फायर की। पुलिस ने आत्मरक्षा में आरोपियों पर गोलीबारी की। पुलिस ने यह भी कहा कि सलीम का सहयोगी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। लेकिन मंडी के अंदर दो जनेश्वर और सुरेश यादव रात्रि में तैनात किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने गोलियों की आवाज नहीं सुनी और न ही उन्हें पुलिस कार्रवाई दिखी। उन्हें इस घटना की जानकारी अगले दिन अखबार में मिली।

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जनेश्वर ने कहा कि यादव और मैं पूरी रात मंडी के अंदर थे और एक भी गोलीबारी की आवाज नहीं सुनी। हमने यहां पुलिस को भी नहीं देखा। सहायक कंपनी के कमांडर भंवर सिंह ने कहा कि मंडी के अंदर किसी भी मुठभेड़ के बारे में उन्हें नहीं पता था। सहारनपुर कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) के सचिव अनिल कुमार ने भी कहा कि मंडी के अंदर कथित गोलीबारी के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। मंडी के अंदर कोई मुठभेड़ नहीं हुई।

उधर, एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि मंडी में उस रात कोई भी मौजूद नहीं था। प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि गोलीबारी के दौरान एसआई सचिन शर्मा घायल हो गए थे लेकिन सहारनपुर के सरकारी अस्पताल में शर्मा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। सरकारी अस्पताल से शर्मा को एक निजी अस्पताल मेदिग्राम स्थानांतरित कर दिया गया। मेडिग्राम के निदेशक डॉ अजय सिंह ने कहा कि सचिन का घाव पहले से ही सूख गया था।

मात्र सूजन थी और कोई घातक चोट नहीं थी। उसके घावों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि यह बुलेट की चोट है। प्रेस नोट के मुताबिक सलीम और उनके सहयोगी ने 24 मार्च को हुसैनपुर गांव के निकट लगभग 11 बजे एक किसान नवाब सिंह को गोली मार दी थी लेकिन उन्हें ढाई घंटे बाद सहारनपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल वहां से करीब 25 किमी दूर है।

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