जनसंख्या पर गिरिराज सिंह के विवादित बोल के बाद आज़म खान का तंज!

जनसंख्या पर गिरिराज सिंह के विवादित बोल के बाद आज़म खान का तंज!

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री व बिहार के बेगूसराय से भारतीय जनता पार्टी के सांसद गिरिरज सिंह के विवादित बयान पर सियासत गर्म हो गई है। उन्‍होंने कहा है कि देश में हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए दो बच्चों का नियम होना चाहिए और जो इस नियम को नहीं माने उसका वोटिंग का अधिकार खत्‍म कर देना चाहिए।

उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अाजम खान ने तंज कसा कि दो बच्‍चों से ज्‍यादा होने पर तो फांसी दे देनी चाहिए। जनसंख्‍या नियंत्रण को लेकर गिरिराज सिंह के बयान पर बिहार में सियासत गर्म हो गई है।

जागरण डॉट कॉम के अनुसार, बयान का समर्थन राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में बीजेपी के सहयोगी जनता दल यूनाइटेड ने किया है तो विपक्षी महागठबंधन ने इसकी आलोचना की है। बीजेपी विधायक सचिंद्र कुमार तथा जेडीयू विधायक ललन पासवान व ज्‍योति कुमार ले कहा है कि जनसंख्‍या नियंत्रण पर कानून देशहित में है। जनसंख्‍या पर नियंत्रण होना चाहिए।

उधर, राष्‍ट्रीय जनता दल विधायक भोला यादव ने गिरिराज सिंह के बयान को उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक बताया। उन्‍होंने कहा कि ऐसे व्‍यक्ति को केंद्र में मंत्री नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि गिरिराज सिंह अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं। यह मानवाधिकार हनन की बात है। हम किसी के बच्‍चों के कैसे नियंत्रित कर सकते हैं?

गिरिराज के बयान पर सबसे कड़ी प्रतिक्रिया उत्‍तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के सासंद आजम खान ने दी है। उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि दो से अधिक बच्‍चे होने पर वोटिंग का अधिकार क्‍या खत्‍म करना, फांसी दे देनी चाहिए। इसके बाद अगला बच्‍चा होगा ही नहीं।

विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि जनसंख्या भारत के लिए बड़ी चेतावनी है और इससे संसाधन और सामाजिक समरसता को खतरा पैदा हो गया है।

जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्‍त कानून की जरूरत है। इसके लिए सड़क से संसद तक प्रयास जरूरी हैं। उन्‍होंने कहा है कि देश में हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए दो बच्चों का नियम होना चाहिए और जो इस नियम को नहीं माने उसका वोटिंग का अधिकार खत्‍म कर देना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने कहा कि वोट के ठेकेदारों ने जनसंख्या को धर्म से जोड़ दिया है। जनसंख्‍या नियंत्रण को इस्लामिक देश स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन भारत में इसे धर्म से जोड़ा जाता है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि जहां-जहां हिंदूओं की जनसंख्या गिरती है, वहां-वहां सामाजिक समरसता टूटती है। देश में कुछ लोग अपने लाभ के लिए समाज में विषमता फैलाते हैं। ओवैसी जैसे लोग सामाजिक समरस्ता में सबसे बड़े बाधक हैं।

अपने विवादित बयान के पहले गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया कि जनसंख्या विस्फोट अर्थव्यवस्था, सामाजिक समरसता और संसाधन का संतुलन बिगाड़ रहा है।

जनसंख्या नियंत्रण में अड़चन का एक कारण धार्मिक व्यवधान भी है। देश 1947 की तरह सांस्कृतिक विभाजन की ओर बढ़ रहा है। उन्‍होंने आगे लिखा कि सभी राजनीतिक दलों को जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए आगे आना होगा।

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