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जस्टिस MSA सिद्दीकी को सरसैयद एक्सेलेन्स पुरस्कार से सम्मानित करेंगे प्रणव मुखर्जी

नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (एन सी एम ई आई) के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस मोहम्मद सुहैल एजाज सिद्दीकी को सरसैयद एक्सेलेन्स पुरस्कार से नवाज़ेंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सरसैयद अहमद खान दो वर्षीय जन्मदिन के अवसर पर दिए जाने वाले सरसैयद एक्सेलेन्स पुरस्कार के तहत जस्टिस सिद्दीकी को एक प्रशस्ति पत्र के अलावा एक लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। जस्टिस सिद्दीकी को यह पुरस्कार भारत में हाशिये पर रह रहे वर्गों को समाजिक, आर्थिक व शिक्षित तौर पर ऊपर उठाने के लिए इनकी अनूठी क्रियाकलापों के लिए दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि जस्टिस सिद्दीकी के दौर में एन सी एम ई आई ने दस हज़ार से ज़ायदा इसाई, जैनी, मुस्लिम, पारसी और सिख जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित चलाये जारहे शैक्षिक संस्थानों को अल्पसंख्यकों ने अनुदान किया है।

जस्टिस सिद्दीकी दस वर्षों के लिए राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष रहे हैं। 1991 में उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले की जांच के लिए जस्टिस वर्मा इन्क्वायरी आयोग का सचिव बनाया गया। 1992 में यह सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार रहे हैं। 1995 में उनकी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बतौर न्यायाधीश नियुक्ति हुई वहां फिर उनको दिल्ली हाईकोर्ट जज के तौर पर भेज दिए गये। 2001 में दिल्ली हाईकोर्ट से फ़राग़त के बाद बैंकों के कमर्शियल और वित्तीय विभाग पर नजर के लिए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य बनाये गए।

फिर 2002 में रेलवे क्लेम्ज ट्रिब्यूनल के चेयरमेन बने। 2004 से 2014 तक उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री के दर्जे के साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग गत के सर्वोच्च अध्यक्ष के तौर पर जबरदस्त ढंग सेवा दिया। वर्तमान में ऑल इंडिया फेडरेशन फॉर सोशल जस्टिस (ईए आई एफ एसजे) के अध्यक्ष हैं।

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