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रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ जारी सैन्य अभियान को फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया ‘नस्ली संहार’

रोहिंग्या संकट को लेकर म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की पर विश्व नेताओं का दबाव बढ़ता नज़र आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान कई नेताओं ने म्यामांर में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ सैन्य अभियान को ‘नस्ली संहार’ करार दिया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा, ‘सैन्य अभियान रुकना चाहिए। मानवीय मदद की गारंटी मिलनी चाहिए और कानून का राज बहाल होना चाहिए। हमें जो जानकारी है उसके मुताबिक यह नस्ली संहार है।’

वहीं, अमेरिका का इस मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड नज़र नहीं आया। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने सू की से बात की। टिलरसन के प्रवक्ता ने कहा कि विदेश मंत्री ने मानवाधिकारों के हनन को लेकर कार्रवाई करने के आंग सान सू की के संकल्प का स्वागत किया। साथ ही सरकार और सेना से कहा कि वे उत्पीड़न को रोकें।

बता दें कि इससे पहले आंग सान सू की ने इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से धैर्य रखने की गुहार लगाई थी।

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