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कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी विशाल ठाकुर सहित 11 को पुलिस ने भेजा जेल!

26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के विवाद एवं उसके बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों को जेल भेजा है। इन 11 आरोपियों में 8 आरोपी क्रिकेट मैच के दौरान हुई मारपीट की घटना में भी नामजद हैं। पुलिस अधिकारियों एवं कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों से पूछताछ की है। पूछताछ में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए है।

पुलिस ने बताया कि तिरंगा यात्रा के दौरान विशाल ठाकुर और इनके साथियों के नाम प्रकाश में आए थे। कई विडियो में भी आरोपियों के चेहरे दिखाई दिए। पुलिस पहले से ही इनकी तलाश कर रही थी। मंगलवार की सायं क्रिकेट मैदान पर युवक शाहजेब के साथ मारपीट की घटना में भी विशाल व उसके साथियों के नाम प्रकाश में आए।

एसआईटी टीम की जांच में जो विडियो सामने आए उन विडियो के द्वारा भी आरोपियों के चेहरे चिह्नित किए गए। सभी आरोपियों की पड़ताल पुलिस ने विडियो के आधार पर भी की। डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ डा. अजय कुमार सहित मामले के विवेचकों ने पूछताछ की और पुरानी घटनाओं में उनकी संलिप्तता पाई गई।

डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हिंसा की घटनाओं में आरोपी विशाल ठाकुर, भरत कुशवाह, संजय, रोहित, करन, विष्णु, नाशिर, चमन, फैजान, शिवम आदि की संलिप्तता रही है।

उन्होंने बताया कि कई फुटेज में आरोपी नजर आए हैं और पर्याप्त साक्ष्य उनकी संलिप्तता के बारे में पुलिस को मिले हैं। बताया गया कि कुछ अन्य नाम भी प्रकाश में आए हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास निरंतर जारी हैं।

शहर की हिंसा के मामले में धारा 156/3 के तहत तीन प्रार्थना पत्र विचाराधीन चल रहे हैं। इन प्रार्थना पत्रों पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी है। अब न्यायालय 4 अप्रैल को इन प्रार्थना पत्रों पर अपना आदेश निर्गत करेगा। बैनामी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र में शहर के काफी लोगों के नाम दर्शाए गए हैं।

वहीं मुजाहिद की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराने को प्रार्थना पत्र दायर किया गया है। इन दोनों प्रार्थना पत्रों पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। पुलिस ने कहा कि कोतवाली में पहले से ही अपराध पंजीकृत हैं। ऐसी स्थिति में नए अभियोग की आवश्यकता नहीं है।

अब न्यायालय इन दोनों प्रार्थना पत्रों पर 4 अप्रैल को आदेश देगी। वहीं शमी अख्तर के प्रार्थना पत्र पर भी पुलिस रिपोर्ट दाखिल हो गई है। 4 अप्रैल को इस मामले में बहस होगी।

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