क्या रुस में पुतिन की सत्ता कमजोर पड़ती दिख रही है?

क्या रुस में पुतिन की सत्ता कमजोर पड़ती दिख रही है?

पुतिन को रूस की सत्ता संभाले हुए 20 साल हो गए हैं. इन 20 सालों में पुतिन दुनिया में रूस की धाक जमाने में लगे हुए हैं हालांकि अब उनके अपने देश में उनके विरोध के सुर बुलंद होने लगे हैं.

व्लादिमीर पुतिन ने 20 साल पहले प्रधानमंत्री के रूप में रूस की सत्ता की बागडोर संभाली. 9 अगस्त 1999 को पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. उस समय पुतिन रूस में इतने लोकप्रिय नहीं थे. फिलहाल पुतिन का राष्ट्रपति के रूप में चौथा कार्यकाल चल रहा है. इसके अलावा वो एक बार बीच में देश के प्रधानमंत्री भी रहे हैं.

लेकिन रूस की राजनीति और वहां की जनता के मानस में अभी पुतिन के बराबर लोकप्रिय राजनेता कोई नहीं है. रूस में एक कहावत है कि जार तो अच्छा है लेकिन उसका आदर्शवाद खराब है. जार रूस के राजा हुआ करते थे. यही कहावत पुतिन के लिए भी चलती है. पुतिन निजी रूप से अपनी सरकार से ज्यादा लोकप्रिय हैं.

पुतिन खुद इस मिथक को तोड़ने की कोशिश करते हैं. वो कहते हैं, “रूस में कहा जाता है कि जार तो अच्छे हैं लेकिन बोयर्स (उनके सलाहकार) ठीक नहीं हैं. लेकिन ऐसा नहीं है.

अगर देश में कुछ सही नहीं हो रहा तो उसकी जिम्मेदारी सभी लोगों की है.” ये उन्होंने रूस में लोगों की आमदनी के अंतर के बारे में अपनी वार्षिक प्रेस वार्ता में कहा था. जून की इस प्रेस वार्ता में उन्होंने घरेलू मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी की चर्चा भी की.

पुतिन का ये बयान थोड़ा अनुमान लगाने वाला लगता है क्योंकि चुनावों में इस बार उनकी लोकप्रियता पहली जैसी रह पाने की उम्मीद कम ही है. उनके दूसरे कार्यकाल के खत्म होने के बाद रूसी लोगों की नजरों में राष्ट्रपति पर लोगों का भरोसा सरकार से 35 प्रतिशत ज्यादा था.

लेकिन अब ये फासला घटकर 23 प्रतिशत पर आ गया है. सरकारी एजेंसी के सर्वे के मुताबिक इस साल लोगों का भरोसा पुतिन के ऊपर घट कर महज 30 प्रतिशत रह गया है जो साल 2006 के बाद सबसे कम है.

साभार- डी डब्ल्यू हिन्दी

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