राहुल, चिदंबरम ने मर्सल का समर्थन किया: भाजपा का विरोध बरकरार

राहुल, चिदंबरम ने मर्सल का समर्थन किया: भाजपा का विरोध बरकरार
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साउथ की फिल्म मर्सल को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता ही जा रहा है कमल हासन  के चुप्पी तोड़ने के बाद अब  राहुल ने ट्वीट कर पीएम मोदी को कहा- ‘मिस्टर मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है। तमिलों के गर्व मर्सल में दखल देकर इसे दबाने की कोशिश नहीं करें।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और डिजीटल लेनदेन पर की गई टिप्पणी के कारण अभिनेता विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘मर्सल’ विवाद में आ गई है। इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ‘मर्सल’ में कुछ संवाद हटाए जाने की मांग करने के लिए तमिलनाडु बीजेपी पर शनिवार(21 अक्टूबर) को जमकर हमला बोला। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने मांग की कि उन संवादों को फिल्म से निकाला जाना चाहिए जो उनके अनुसार जीएसटी के बारे में असत्य हैं। वहीं, बीजेपी की तमिलनाडु इकाई की प्रमुख टी सुंदरराजन ने कहा था कि जीएसटी के बारे में फिल्म में गलत संदर्भ दिया गया है। उन्होंने कहा कि विख्यात हस्तियों को जनता के बीच गलत सूचनाएं दर्ज करवाने से परहेज करना चाहिए।

राहुल गांधी ने शनिवार (21 अक्टूबर) को मर्सल के बहाने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, श्रीमान नरेंद्र मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति एवं भाषा की सशक्त अभिव्यक्ति है। ‘मर्सल’ में हस्तक्षेप कर तमिल गौरव का विमुद्रीकरण मत करिये।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी इस फिल्म को लेकर ट्वीट कर कहा, ‘फिल्म निर्माताओं को नोटिस: कानून आने ही वाला है, आप केवल सरकार की नीतियों की सराहाना करने वाले वृत्त चित्र बना सकते हैं, उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बीजेपी मर्सल में संवाद निकालने को कह रही है। कल्पना करिए कि आज ‘पराशक्ति’ रिलीज हुई होती!

दरअसल, बीजेपी का आरोप है कि इस फिल्म में जीएसटी और नोटबंदी के बारे में ‘गलत जानकारी’ दी गई है। फिल्म के एक दृश्य में बताया गया है कि सरकार जीएसटी ले रही है, लेकिन लोगों को उसके बदले कोई भी सुविधा नहीं दे रही है।

फिल्म के इस सीन में अभिनेता विजय कहते हैं, ‘सिंगापुर में लोग सात फीसदी जीएसटी देते हैं और बदले में सरकार मुफ्त चिकित्सा सेवा दे रही है। भारत सरकार 28 फीसदी जीएसटी वसूल कर रही है। लेकिन सरकार मुफ्त में चिकित्सा सेवा क्यों नहीं दे सकती? क्यों? दवाइयों के लिए हम 12 फीसदी टैक्स दे रहे हैं। लेकिन शराब पर कोई जीएसटी नहीं है। भारत में सरकारी अस्तपाल में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं हैं।’

विजय आगे कहते हैं, ‘यह जानना चाहता हूं कि ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने के पीछे क्या वजह थी। दो साल से अस्पताल के पास ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए देने को पैसे नहीं थे। एक अन्य सरकारी अस्पताल में डायलेसिस के दौरान बिजली चली जाती है। चार लोग मर गए। शर्मनाक, उनके पास पावर बेकअप नहीं था। आईसीयू में रखे गए बच्चे की चूहे द्वारा काटने से मौत हो जाती है। लोगों को सरकारी अस्पताल से डर लगता है। बीजेपी जिस सीन को हटाना चाह रही है, वह सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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