राजस्थान राजनीतिक संकट: क्या नहीं बच पायेगी गहलोत सरकार?

राजस्थान राजनीतिक संकट: क्या नहीं बच पायेगी गहलोत सरकार?

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के अंदर मची कलह बढ़ती ही जा रही है। सचिन पायलट गुट के 19 बागी विधायक गुरुग्राम के होटल में रुके हुए हैं और गलहोत खेमे के विधायक जयपुर के होटल में ठहरे हुए हैं।

 

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट इन पर छपी खबर के अनुसार, पायलट गुट के विधायक हेमाराम चौधरी ने एक बयान देकर गहलोत खेमे की परेशानी बढ़ा दी है।

 

हेमाराम चौधरी ने बयान दिया है कि गहलोत खेमे के 10-15 विधायक उनके संपर्क में हैं और इस इंतजार में हैं कि कब उन्हें फ्री छोड़ा जाए और वे तुरंत पायलट खेमें में शामिल हों।

 

हेमाराम चौधरी ने रणदीप सुरजेवाला के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बयान दिया है जिसमें रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि पायलट खेमेंके 3 विधायक 48 घंटे के अंदर जयपुर पहुंच जाएंगे।

 

हेमाराम चौदरी ने कहा, “सुरजेवाला जी कह रहे है कि गहलोत गुट में शामिल होने के लिे पायलट गुट के 3 विधायक 48 घंटे में जयपुर पहुंच जाएंगे, यहां पर पायलट गुट के अंदर जो भी 19 विधायक हैं वे एकजुट हैं एक भी इधर उधर जाने वाला नहीं है।

 

गहलोत खेमें में जो बाड़ाबंदी में विधायक बैठे हैं उनमें हताशा है और उस हताशा रोकने तथा दिलाशा दिलाने के लिए सुरजेवाला जी ज्ञान दे रहे हैं। 10-15 वहां के विधायक आज भी हमसे संपर्क कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जैसे ही बाड़ाबंदी हटी हम यहां से भाग निकलेंगे।”

 

हेमाराम चौधरी ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने सुरजेवाला मुख्यमंत्री के प्रति विधायकों की नाराजगी और असंतोष के बारे में बताया था और उस समय भी कहा था कि जब नेतृत्व परिवर्तन होगा तभी शांति होगी।

 

राजस्थान में अशोक गहलोत कैबिनेट की बैठक मंगलवार सुबह शुरू हुई। बैठक में विधानसभा सत्र बुलाने के संशोधित प्रस्ताव पर राज्यपाल द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री निवास में कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हो रही है।

 

उल्लेखनीय है कि राज्य में जारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा सत्र बुलाने का कैबिनेट का प्रस्ताव दुबारा वापस सरकार को भेजा है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट की बैठक में इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा होगी

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