राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस के सात मरीज पीड़ित आ चुके हैं। इसमें से तीन मरीजों को ठीक कर दिया गया है। राजस्थान के डॉक्टर पूरी क्षमता के साथ इन मरीजों का इलाज कर रहे हैं और इसे रोकने के लिए भी कारगर कदम भी उठा रहे हैं।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने काेरोना से लड़ने के लिए एक वॉर रूम बना लिया है।
डॉ सुधीर भंडारी ने बताया कि दूसरे राज्यों से हमें यह क्वेरी मिल रही है कि आप उस दवा के बारे में हमें बताएं जिसे आपने उपयोग किया था। हम दूसरे राज्यों के अलावा दूसरे देशों के साथ भी प्रयोग की गई दवा की जानकारी बता रहे हैं।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ सुधीर भंडारी ने बताया कि हमने एक टीम बनाकर कोरोना वायरस से लडने के लिए एक योजना बनाई।
टीम के एक अन्य डॉक्टर प्रकाश केसवानी ने बताया कि पहले 3 मरीज आए थे और तीनों अब ठीक हो गए हैं।
पहला केस अस्पताल में आया तो हमने इस रोग से मिलते-जुलते लोगों के लक्षणों का इतिहास खंगाला और तब हमें लगा कि इससे लड़ने की क्षमता एचआईवी ड्रग्स में भी होती है और उसे देने का हमने निर्णय किया। इसके अलावा क्लोरीन का भी हमने इस्तेमाल किया जिसका रिजल्ट काफी अच्छा आया और तीनों मरीज ठीक हो गए।
एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक हैं डॉ. डी. एस मीणा ने बताया कि डॉक्टरों के लिए भी एक भय का माहौल था क्योंकि कोरोना वायरस को लेकर लोगों में एक दहशत है।
मगर हमने इस पर काबू पाने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड एफर्ट शुरू कर दिया। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रोजाना इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे और इसी वजह से हम अच्छे परिणाम देने में कामयाब हो सके।