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त्रिपुरा के पत्रकार की हत्या पर भड़के रवीश, कहा- नहीं जाएंगे किसी पार्टी का प्रदर्शन कवर करने!

त्रिपुरा के पत्रकार शांतनु भौमिक की हत्या की ख़बर दर्दनाक है। शांतनु त्रिपुरा में अलग राज्य की मांग करने वाले संगठन IPTF और सीपीएम के संगठन TRUGP के बीच टकराव को कवर करने गए थे। पिछले कुछ दिनों में अलग राज्य की मांग को लेकर दोनों गुटों में जमकर संंघर्ष हुआ है। पुलिस ने IPTF के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। दुखद घटना है।

अगर यही हाल रहा तो कोई पत्रकार किसी पार्टी या संगठन का प्रदर्शन कवर करने नहीं जाएगा। बल्कि कुछ दिनों के बंद कर देना चाहिए ताकि संभी संगठन इस बारे में विचार करें और अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निर्देश दें कि कोई पत्रकार हो तो उस पर गुस्सा नहीं निकालना है। संगठनों की इस गुंडई का जमकर विरोध होना चाहिए। राज्य सरकार को शांतनु के परिवार को एक करोड़ की राशि देनी चाहिए और चुनाव आयोग को इसका पैसा इस संगठन से चार्ज करना चाहिए। न दे तो चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दे।

गूगल सर्च किया कि इस संगठन के बारे में जानकारी जुटाई जाए। इसका पूरा नाम INDIGENOUS PEOPLE’S FRONT OG TRIPURA एक दशक से भी पुराना संगठन है। समय समय पर इसके उग्र प्रदर्शन होते रहते हैं।

एक ख़बर के मुताबिक बीजेपी के नेता देवधर का बयान है कि अलग राज्य की मांग का समर्थन नहीं करते हैं मगर अलग से काउंसिल बनाने की बात पर विचार किया जा सकता है। IPFT सीपीएम को ही ज़िम्मेदार ठहराती है कि उसकी नीतियों के कारण जनजाति समाज के लोग अलग थलग महसूस करते हैं।

त्रिपुरा से एक पत्रकार ने मेसेज किया है कि राज्य में अलग काउंसिल दो दशक पहले से है। मगर एक दल बंगाली बनाम त्रिपुरा के बीच अलगाव को बढ़ावा दे रहा है ताकि वो अपना प्रभाव बढ़ा सके। आप खुद इस दल के बारे में पता कर लें।

 

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