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RBI का तोहफा, सस्ती हुई ब्याज दरें

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल न आरबीआई की मौद्रिक समिति की पहली बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला लिया गया है। कटौती के बाद अब रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है। ब्याज दरों में कटौती होने के बाद आने वाले दिनों बैंक कर्ज और ईएमआई के सस्ता होने की उम्मीद लगाया जा रहा है। रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को कम करने का फैसला त्योहारी सीजन के पहले उपभोक्ताओं को एक बड़ा तोहफा है।

रघुराम राजन के जाने के बाद आरबीआई की समिति ने ब्याज दरों के बारे में यह पहला फैसला लिया है। अभी तक रिजर्व बैंक ब्याज दरों को तय करने के लिए सलाह लिया करता था, पर दरों को लेकर आखिरी फैसला आरबीआई गवर्नर को करना होता था।

उर्जित पटेल की अध्यक्षता में बनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) पहली बार ब्याज दरों को लेकर फैसला लिया। उर्जित पटेल का आरबीआई गवर्नर बनने के बाद नए ब्याज दरों के बारे में फैसला लेने के लिए 6 सदस्यीय समिति का घठन किया गया है। मौद्रिक समिति ने एकमत से ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया।

आरबीआई ब्याज दरों को तय करने के मामले में खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखता है। अगस्त 2016 में, खुदरा महंगाई दर 5.05 फीसदी रही है जो पिछले छह महीने के सबसे निचले स्तर है। महंगाई दर में आई नरमी और बेहतर मानसून की वजह से बाजार को आरबीआई से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की गई थी। आरबीआई की समीक्षा बैठक से पहले सोमवार को बाज़ार में करीब 400 से अधिक अंकों की तेजी आई थी। सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी की वजह बैंकिंग शेयरों में हुई जबरदस्त खरीदारी थी। मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक से पहले बीएसई बैंकिंग इंडेक्स में मामूली तेजी देखने को मिल रही थी, लेकिन ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी शुरू हुई है।

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