Wednesday , December 13 2017

RBI के सर्वे में मोदी का वादा निकला जुमला, जनता नहीं है ख़ुश

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि लोग अपनी आय वृद्धि, रोजगार और आर्थिक स्थिति से खुश नहीं है जैसे कि मोदी सरकार के आने से पहले। जून 2017 के लिए आर.बी.आई. का सर्वे यह दिखाता है कि लोगों की आमदनी दिसंबर 2013 और मार्च 2014 के मुकाबले पहले से कम है।

रिजर्व बैंक द्वारा बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली में उपभोक्ता विश्वास सर्वे किया गया। सर्वे के मुताबिक जून 2017 में 32 फीसदी लोगों ने कहा है कि उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी है।

दिसंबर, 2016 में ऐसा मानने वालों की संख्या 46 फीसदी के करीब थी। यही नहीं, उन लोगों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है जो यह मानते हैं कि उनके आर्थिक हालात में अगले एक साल तक कोई खास सुधार नहीं होने वाला है। आर.बी.आई हर महीने यह सर्वे करता है।

इसे अर्थशास्त्री व नीति निर्धारक बहुत महत्व देते हैं, क्योंकि इस पैमाने पर आम जनता के आर्थिक हालात, उनके पैसे खर्च करने की योजना व रोजगार के बारे में उनके विचार जानने का देश में कोई और सर्वे हर महीने नहीं किया जाता। रिजर्व बैंक अपनी नीति बनाने में भी इस सर्वेक्षण की मदद लेता है।

सर्वे में शामिल लोगों से उनकी आमदनी के बारे में भी पूछा गया। यहां भी लोगों की निराशा झलक रही है। दिसंबर, 2016 में 27.1 फीसदी लोगों ने कहा था कि उनकी आय बढ़ी है। जबकि जून 2017 में 23.8 फीसदी लोगों ने ही यह बात कही है। साथ ही उन लोगों की तादाद में भी इजाफा हुआ है जो यह समझते हैं कि उनकी आय एक साल में घटने वाली है। आर.बी.आइ. के अनुसार यह दशा पिछले तीन महीनों से है।

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