Sunday , December 17 2017

रिपोर्ट: मोदी सरकार में गौरक्षक बेलगाम, पीड़ित दलित और मुसलमानों के ख़िलाफ़ ही हो जाता है मुकदमा

अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर एक रिपोर्ट जारी की है। अपनी रिपोर्ट में उसने गोरक्षा को मुस्लिमों और दलितों के ख़िलाफ़ एक बर्बर कार्रवाई बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहलू खां जैसे कई मामलों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कई कट्टर हिंदू संगठनों के गौरक्षकों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने खुद पीड़ितों के खिलाफ गोहत्या का मामला बनाया और गोरक्षकों को बचाने की कोशिश की।

रिपोर्ट ने बताया गया है कि मोहम्मद अखलाक, पहलू खान जैसे मामलों में पुलिस ने मारे गए लोगों के खिलाफ चोरी और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया।

इसके अलावा रिपोर्ट में 9 अक्तूबर 2015 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में उग्र हिंदू संगठनों द्वारा एक ट्रक चालक पर किए गए बम से हमला का भी जिक्र किया गया है।

इसमें 14 अक्तूबर 2015 को उत्तर प्रदेश के 22 साल के नोमन की शिमला के पास सराहन गांव में हिंदुत्ववादी भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करने वाली घटना का भी जिक्र है।

वहीं, झारखंड़ के 35 साल के मोहम्मद मजलूम अंसारी और 12 साल के एक लड़के मोहम्मद इम्तियाज खान का शव 18 मार्च 2016 को एक पेड़ से लटका कर मारने का भी इसमें उल्लेख किया गया है।

इसके अलावा इसमें उन सभी मामलों पर रिपोर्ट पेश की गई है जो नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद सामने आए हैं।

एचआरडब्ल्यू की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमाम नसीहतों के बावजूद गोरक्षाक हिंसा से बाज नहीं आ रहे हैं और जानबूझकर अल्पसंख्यकों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।

 

TOPPOPULARRECENT