RSS की रिपोर्ट से मध्य प्रदेश BJP में हड़कंप, बुरी तरह हार रही भाजपा !

RSS की रिपोर्ट से मध्य प्रदेश BJP में हड़कंप, बुरी तरह हार रही भाजपा !
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से छह सप्‍ताह पहले भाजपा की शिवराज सरकार के आगे परेशानियां खड़ी हो गई हैं. दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदरूनी सर्वे में मध्‍य प्रदेश में बीजेपी की हालत कुछ ठीक नहीं है. ऐसे में RSS ने मध्‍य प्रदेश भाजपा के 78 सीटिंग विधायकों को टिकट नहीं देने की सलाह दी है. इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह को भी बुधनी की जगह भोपाल की गोविंदपुरा सीट से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया है.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लेकर किसी बीजेपी नेता का बयान नहीं आया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, संघ परिवार ने सत्तारूढ़ दल से उसके 78 उम्मीदवारों को उनके खराब फीडबैक के चलते बदलने का आग्रह किया है. बीजेपी राज्य चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई थी. इसमें पार्टी के बड़े पदाधिकारी इस बात पर राजी हुए थे कि केवल संभावित विजेता उम्‍मीदवार का चयन किया जाएगा और कोई अन्य कारक नहीं माना जाएगा. पार्टी हाईकमान का यह भी कहना है कि जब तक अदालत से कोई भी उम्मीदवार दोषी न करार दिया जाए तब तक उसे भ्रष्ट नहीं कहा जाएगा. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और राज्य प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्ध और महासचिव सुहास भगत ने टिकट बंटवारे और नामों को बदलने के मानदंडों पर लंबी चर्चा की.

BJP केवल जीत के मानदंडों पर देगी टिकट
राकेश सिंह ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पार्टी केवल जीत के मानदंडों पर ही टिकट देगी. किसी भी संभावित उम्मीदवार के खिलाफ अदालत का फैसला होने तक टिकट देने में कोई दिक्‍कत नहीं है. सूत्रों के अनुसार, आरएसएस नेताओं ने यह भी सलाह दी है कि सीएम शिवराज सिंह को विधानसभा चुनाव में बुधनी सीट के बजाय गोविंदपुरा से लड़ना चाहिए. गोविंदपुरा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है जहां पूर्व सीएम बाबूलाल गौर (88) 1980 से 8 बार जीते थे.

बदली जाएगी शिवराज की सीट 
राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि कांग्रेस की योजना बुधनी सीट से शिवराज सिंह के खिलाफ किसी बड़े चेहरे को उतारने की है. हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात को खारिज कर दिया है. साथ ही कहा है कि बुधनी शिवराज की घरेलू सीट है और मतदाता उस सीट पर किसी और को कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

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