RSS से जुड़े संगठन छोटे कारोबारियों को जीएसटी में छूट के लिए सरकार से कर रही लॉबी

RSS से जुड़े संगठन छोटे कारोबारियों को जीएसटी में छूट के लिए सरकार से कर रही लॉबी
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नई दिल्ली : जीएसटी के लागू होने के बाद से छोटे कारोबारियों को आ रही दिक्कतों पर आरएसएस से जुड़े संगठनों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। इन संगठनों ने केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल से लॉबी करनी शुरू कर दी है, उन्होंने मांग की है कि वो इन्हें राहत प्रदान करें।
आरएसएस के कारोबारी संगठन से जुड़े नेताओं ने इस संबंध में भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली व पीयूष गोयल से मुलाकात करके छोटे कारोबारियों को राहत देने की अपील भी की है।
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी परिषद 9 नवंबर को  गुवाहाटी में छोटे व्यवसायियों को परेशान करने वाले विभिन्न मुद्दों चर्चा करेगी। परिषद वर्तमान में 1.5 करोड़ रुपये से 3 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक व्यापारियों के लिए  कंपोजिशन स्कीम के तहत बढ़ाने की संभावना है, इसके अनुसार निर्धारित सीमा के नीचे वार्षिक कारोबार वाले व्यवसाय न्यूनतम दर से करों का भुगतान कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छोटे कारोबारियों को जीएसटी के लागू होने के बाद से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभी ऐसे कारोबारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम 1.5 करोड़ रुपये है। वहीं ऐसे कारोबारी अपने तैयार माल को दूसरे राज्यों में बेचता है तो उसे किसी प्रकार की छूट का लाभ नहीं मिलता है।आरएसएस से जुड़े संगठन लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष ओम प्रकाश मित्तल ने कहा कि जीएसटी के चलते मध्य प्रदेश के मुरैना का कारोबारी अपना सामान कुछ किलोमीटर दूर राजस्थान के धौलपुर जिले में नहीं बेच सकता है। यह हाल अकेले यहां का नहीं है बल्कि पूरे देश में मौजूद छोटे कारोबारियों का है।

छोटे कारोबारियों पर जो टैक्स लगता है वो बड़ी कंपनियों जितना ही लगता है। उदाहरण के तौर पर गोदरेज कंपनी जो ताले बनाकर बेचती है उस पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। इतना ही टैक्स यूपी के अलीगढ़ में ताले बनाने वाले कारोबारी देते हैं। जहां गोदरेज फ्रेश बने लोहे का प्रयोग करता है, वहीं अलीगढ़ के कारोबारी कबाड़ में बेचे गए लोहे का प्रयोग करते हैं।

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