RSS चीफ़ मोहन भागवत के राम मंदिर वाले बयान पर देश में मचा घमासान, मुस्लिम संगठनों ने की निंदा

RSS चीफ़ मोहन भागवत के राम मंदिर वाले बयान पर देश में मचा घमासान, मुस्लिम संगठनों ने की निंदा
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विपक्षी दलों और मुस्लिम विद्वानों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाए जाने की आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मांग को गुरुवार को राजनीति से प्रेरित बताया। सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा, ‘आरएसएस प्रमुख द्वारा राम मंदिर पर दिया गया बयान आने वाले चुनावों से पूर्व का राजनीतिक बयान है।

चौधरी ने कहा कि आरएसएस राजनीतिक कारणों से भगवान के नाम का इस्तेमाल करती है। दारूल उलूम फरगीमहल के मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने कहा कि देश में बच्चों को भी पता है कि राम मंदिर का मुददा चुनाव के समय ही हमेशा से उठता आया है। अब चूंकि कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए यह मुददा फिर से उठाया जा रहा है।

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने कहा कि भागवत पूर्व में भी ऐसे बयान दे चुके हैं, जिनमें उन्होंने जनता और सरकार से आग्रह किया कि 2019 से पहले मंदिर निर्माण सुनिश्चित किया जाए। हाईकोर्ट ने इस मुददे पर यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा कि यह खुली बात है कि जब भी आरएसएस और भाजपा भगवान राम की बात करते हैं तो समझ लेना चाहिए कि चुनाव नजदीक हैं। RSS प्रमुख ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाये जाने की मांग की।

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