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आरएएस ने भैयाजी को निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए बरकरार रखा

नई दिल्ली। वर्ष 2019 में आरएसएस-भाजपा के बेहतर समन्वय के लिए संघ ने सुरेश भैय्याजी जोशी को महासचिव ‘बदलाव की बजाय निरंतरता’ के तौर पर चुना है और उनको तीसरा विस्तार प्रदान दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जोशी के नामांकन के खिलाफ कोई नाम नहीं दिया गया था।

जोशी 2009 के बाद से आरएसएस में नंबर दो पर हैं। आरएसएस के संचालन और कार्यकारी प्रमुख के रूप में जोशी भाजपा के साथ संघ के संबंधों की निगरानी करेंगे और अपने सहयोगियों की गतिविधियों की देखरेख करेंगे। वह संगठन के विस्तार का भी निर्णय लेंगे।

एक वरिष्ठ आरएसएस नेता ने बताया कि जोशी को पिछले साल तक एक घुटने की समस्या की थी और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से कहा कि विश्वसनीय सहयोगियों ने उन्हें जिम्मेदारी जारी रखने के लिए कहा है। भैयाजी घुटने के ऑपरेशन के बाद अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं, इसलिए वह देश भर में जा सकते हैं। यह देश के लिए सामाजिक और राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण वर्ष है।

भैय्या जी ने सोचा कि मौजूदा पैटर्न हर किसी के हित में होगा। एक अन्य सदस्य ने कहा कि जोशी के पुनर्मूल्यांकन में प्रमुख बिंदुओं पर विचार किया गया था। समय की तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि स्थिति अलग थी। लेकिन आरएसएस के साथ सरकार का रिश्ते वाजपेयी के समय की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर है।

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