राम मंदिर पर RSS का बयान सुप्रीम कोर्ट का अपमान है, कोर्ट खुद इसका नोटिस लेकर कार्रवाई करे: मौलाना अरशद मदनी

राम मंदिर पर RSS का बयान सुप्रीम कोर्ट का अपमान है, कोर्ट खुद इसका नोटिस लेकर कार्रवाई करे: मौलाना अरशद मदनी
Maulana Syed Arshad Madani, President Jamiat Ulema-I-Hind during Press Confrence . in New Delhi .on Wednasday - Express Photo By Amit Mehra 09 March 2016

नई दिल्ली: राम मंदिर अयोध्या में ही बनेगा और दूसरी कोई इमारत निर्माण नहीं होगी, वाले आरएसएस के भड़काऊ और आक्रमक बयान पर चिंता व्यक्त करते हुए जमीअत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का अपमान है, इसलिए खुद अदालत को ऐसे लोगों के खिलाफ नोटिस लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट पर पूरे पूरे भरोसे का इज़हार करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यकीन है साम्प्रदायिकता फ़ैलाने वालों के खिलाफ कोर्ट कोई न कोई क़दम उठाएगी।इसके साथ ही मौलाना ने 14 मार्च से बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले की सुनवाई होने के हवाले से कानूनी तैयारियों को लेकर इत्मिनान का इज़हार किया और उम्मीद ज़ाहिर की कि जमीअत उलेमा अपना रुख पेश करने में कामियाब रहेगी।

सुनवाई से पहले जमीअत उलेमा कानूनी सहायता कमीटी के प्रमुख गुलज़ार आज़मी ने जारी अपने बयान में बताया कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की नेतृत्व वाली तीन सदसीय बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस भूषण शामिल हैं।

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