राजस्थान में बदल सकती है राजनीतिक समीकरण, सचिन पायलट ने की राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात!

राजस्थान में बदल सकती है राजनीतिक समीकरण, सचिन पायलट ने की राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात!

राजस्थान में कांग्रेस के अंदर जारी मतभेद को लेकर सचिन पायलट ने आज सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट ने राहुल गांधी के सामने अपनी तीन बेहद अहम मांगें रखी हैं।

 

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट इन पर छपी खबर के अनुसार, सचिन पायलट के राहुल गांधी से मिलने के बाद राजस्थान में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।

 

सूत्रों के मुताबिक, राज्य में मुख्यमंत्री बदले जा सकते हैं, दोनों के बीच सुलह के लिए भंवर जितेंद्र सिंह का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

 

अशोक गहलोत से मतभेद के बाद पहली बार पार्टी से बगावत करने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की।

 

सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने राजस्थान विवाद खत्म करने के लिए 3 मांगें रखी हैं। सूत्रों के मुताबिक, सचिन पायलट की कांग्रेस शीर्ष नेताओं के साथ बैठक दोपहर करीब 12:30 बजे हुई।

 

पायलट के करीबी सूत्रों का दावा है कि तीन मांगें उनके द्वारा की गई हैं। जिसमें पहली मांग देशद्रोह के आरोप खत्म किए जाएं, दूसरी मांग में कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा जाए और तीसरी मांग में कहा है कि यदि सरकार बनी रही तो आखिरी साल में उन्हें सीएम बनाया जाए

 

बता दें कि राजस्थान कांग्रेस के विधायकों ने सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों पर कार्रवाई की मांग की थी। इससे एक बार कांग्रेस में हलचल फिर तेज हो गई है।

 

पायलट शिविर के अनुसार पायलट द्वारा ये 3 मांगें रखी गई हैं, हालाँकि इस बात की कोई स्पष्टता नहीं है कि कांग्रेस नेतृत्व किसके लिए सहमत थे?

 

हालांकि, पायलट खेमे के सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सचिन पायलट को हर शिकायत दूर करने का भरोसा दिया है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि अभी और भी मुलाकात हो सकती हैं।

 

बता दें कि, राजस्थान में सचिन पायलट का राहुल गांधी से मिलने का ये ताजा घटनाक्रम राजस्थान विधानसभा सत्र बुलाए जाने के पांच दिन पहले हुआ है।

 

सीएम गहलोत के साथ राज्यपाल के साथ काफी विवाद के बाद राजस्थान में विधानसभा सत्र 14 अगस्त से बुलाया गया है। जहां अशोक गहलोत अपना बहुमत साबित करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने सचिन पायलट पर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने के प्रयास का आरोप लगाया था।

 

साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते दिनों हुई विधायक दल की बैठक में संकेत दिए थे कि आलाकमान जो भी निर्णय लेगा हमें मंजूर होगा। बदले राजनीतिक हालात में राजस्थान कांग्रेस में सुलह संभव है, क्योंकि विधायक-खरीद फरोख्त मामले में एसओजी ने एफआर लगा दी है।

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