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अगर तिब्बती शरणार्थी भारत में रह सकते हैं, तो रोहिंग्या मुसलमान क्यों नहीं: सलमान निज़ामी

कांग्रेस रोहिंग्या मुसलमानों को देश से निकालने के लिए मोदी सरकार की निंदा की है । बेंगलुरु में एक पार्टी सम्मेलन को संबोधित करते हुए सलमान निजामी ने कहा, “भारत लगभग 2 लाख शरणार्थियों का घर है, उनमें से ज्यादातर तिब्बत, नेपाल, अघोहन और श्रीलंका से हैं। लेकिन भाजपा सरकार सिर्फ़ रोहिंग्या शरणार्थियों से देश से निकालना चाहती है ।

निज़ामी ने कहाकि जब सरकार तिब्बत, श्रीलंका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान के बौद्ध शरणार्थियों को आश्रय प्रदान कर सकती है, नेपालियों को यहां रहने की इजाजत दे सकती है, फिर क्यों यह 40,000 म्यांमार मुस्लिम शरणार्थियों को वापस भेजना चाहती है।

सलमान निज़ामी ने विवादित बांग्लादेशी लेखक तस्लीमा नसरीन और तारेक फतह को दिए गए संरक्षण पर सवाल उठाया, जो भारतीय मुस्लिम और उदारवादियों के खिलाफ बोलते हैं। निज़ामी ने कहा कि भाजपा सरकार मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में अच्छी तरह जानते हैं, म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें छोड़ देना अपमानजनक होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार को रोहंग्या को निर्वासित करने की किसी भी योजना को बंद करना चाहिए और इसके बदले उनका रजिस्ट्रेशन करना चाहिए ताकि वो शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मौलिक अधिकार पाकर बेहतर ज़िंदगी बिता सकें ।

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