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अगर पूरे समुदाय को नॉबेल शांति पुरस्कार दिया जायेगा तो, मेरा वोट भारतीय मुसलमानों को- संजीव भट

रामनवमी के दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में सांप्रदायिक हिंसा में अपने बेटे को खोने वाले इमाम ने एक बार फिर भावुक अपील की थी ।

 स्थानीय नूरानी मस्जिद के इमाम मौलाना इम्दादुल रशीदी ने कहा  कि ‘मेरा बेटा चला गया कोई बात नहीं, मैंने इस शहर को 30 साल दिए हैं, मुझसे अगर मोहब्बत है तो इस शहर को शांत रखो।’

बता दें कि इससे पहले भी इम्दादुल रशीदी आसनसोल की शांति के लिए अपील कर चुके हैं। इमाम ने कहा था कि उन्होंने अपना बेटा खोया लेकिन इसे मुद्दा मत बनाइए।
वह नहीं चाहते कि हिंसा और दंगे की आग में उनकी तरह ही किसी अन्य परिवार को अपने प्रियजन की मौत का गम झेलना पड़े। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर वे उनसे मोहब्बत-प्यार करते हैं तो बदला लेने की बात भूल जाएं।

इसी को लेकर पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने तो भारतीय मुसलमानों को शाँति पुरुस्कार देने की बात कही है ,अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए भट्ट ने लिखा है कि “अगर पूरे समुदाय को नॉबेल शांति पुरस्कार दिया जासकता है,तो मेरा वोट भारतीय मुसलमानों को जाएगा।क्योंकि जो कुछ भी धार्मिक सद्भावना हमें भारत मे देखने को मिल रही है वो इस वजह से है कि मुसलमानों अपने साथ होने वाले भेदभाव और नफरत के बावजूद रिएक्शन से अपने आपको रोक रखा है

गौरतलब है कि इमाम का 16 वर्षीय छोटा बेटा हफीज सबीतुल्ला मंगलवार को भड़की हिंसा के दौरान लापता हो गया था। अगले दिन उसका शव मिला। उसके शरीर और सिर पर गहरी चोट के निशान थे।

 

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