सऊदी अरब: शूरा परिषद का नागरिकता कानून में अहम बदलाव का फैसला

सऊदी अरब: शूरा परिषद का नागरिकता कानून में अहम बदलाव का फैसला

रियाद। सऊदी अरब की शूरा परिषद ने नागरिकता कानून में संशोधन करने के प्रस्तावों पर विचार करने का निर्णय लिया है। सऊदी गजट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक परिषद ने ऐसे सुझावों का अध्ययन करने का निर्णय लिया, जिनके समर्थन से उन बच्चों को नागरिकता दी जानी चाहिए यदि उनकी मां सऊदी नागरिक है। इस प्रस्ताव का अध्ययन करने का निर्णय बहुमत के साथ 63 मतों से समर्थित था।

यह उल्लेख किया जा सकता है कि हालांकि यह प्रस्ताव दो साल पहले रखा गया था लेकिन कभी चर्चा नहीं हुई। यह प्रस्ताव लतीफा अल-शालन, अता अल-सिबैती, हया अल-मनी, थुरैया ओबामा और वफा तैयबा द्वारा पेश किया गया। इस पर परिषद में बहस शुरू की गई कई ने इसका समर्थन किया हालांकि, कुछ ने प्रस्ताव का विरोध किया। प्रस्ताव का विरोध करने वाले एक सदस्य फहद अल-अंज़ी ने कहा कि बच्चा अपने पिता से जुड़ा होता है।

हालांकि एक अन्य सदस्य फैसल अल-फ़ेडिल ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि ऐसे बच्चों को नागरिकता देना शरिया के अनुसार है। एक महिला सदस्य इकबाल दारंद्री ने प्रस्ताव का समर्थन किया। एक अन्य महिला सदस्य नूर अल-मसाद ने भी अपनी राय रखी। यह भी तर्क था कि ऐसे बच्चों को नागरिकता से वंचित करने से राज्य में योग्य कैडर की कमी हो जाएगी।

Top Stories