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स्कूल की प्रिंसिपल ने ख़ुद के लिए मंगाया मीट, पुलिस ने गोमांस बताकर किया गिरफ़्तार

रांची: स्कूल में गोमांस बनाने के आरोप में झारखंड में एक प्रधानाध्यापिका समेत दो लोगों को गिरफ्तार करने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र प्रसाद वर्णवाल ने बताया कि यह मामला सदर प्रखंड के छोटा मोहलान प्राथमिक विद्यालय का है।

बीबीसी ने पुलिस अधीक्षक के हवाले से बताया है कि सदर प्रखंड के शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि सरकारी स्कूल के मिड डे मील के बर्तनों में मांस बनाने और धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में यह गिफ्तारी हुई है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उसमें स्कूल की प्रधानाध्यापिका रोसा हांसदा और उनकी सहयोगी बिरजू हांसदा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या बच्चों को गोमांस परोसने की तैयारी थी? तो पुलिस ने बताया कि तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि प्रधानाध्यापिका ने गांव की रहे वाली अपनी सहयोगी बिरजू हंदसा से अपने खाने के लिए मांस मंगवाया था, जो कि नियम के अनुसार ग़लत है।

बता दें कि पाकुड़ एक आदिवासी बहुल जिला है और जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वो दोनों ही आदिवासी समुदाय से आते हैं।

पुलिस अधीक्षक कहा, “शुक्रवार को स्कूल के दर्जनों बच्चे स्कूल छोड़कर गांव के लोगों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे थे। बच्चों ने दोपहर का भोजन भी नहीं खाया और उन्होंने अपने अभिवावकों को जानकारी दी कि स्कूल में गोमांस बनाया जा रहा है। इसके बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए और स्कूल को घेर लिया।”

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि उन्होंने जांच में मामले को सही पाया है। हालांकि जिस तरह से यह बात सामने आया है कि अध्यापिका ने अपने खाने के लिए मांस मंगाया था उससे लगता है कि ग्रामीणों का यह आरोप की स्कूल में मांस बनाया जा रहा था, गलत लगता है।

गौरतलब है कि झारखंड में गोहत्या प्रतिषेध कानून 2005 में लागू किया गया है। इस कानून के तहत किसी भी तरह के पशु की हत्या यहां निषेध है। इनके अलावा जानवरों की तस्करी को प्रतिबंधित किया जा चुका है।

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