अगले साल कई राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई नयी रणनीति, विश्लेषण के आधार पर होगा उम्मीदवारों का चयन

अगले साल कई राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई नयी रणनीति, विश्लेषण के आधार पर होगा उम्मीदवारों का चयन
Click for full image

नई दिल्ली। कांग्रेस अब नए सियासी फॉर्मूले के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी. अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कमर कस ली है.

गुजरात विधानसभा चुनाव से सीख लेते हुए कांग्रेस आगे बढ़ेगी. भविष्य के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बेहतर और जिताऊ उम्मीदवार उतारने के लिए पार्टी वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेगी.

कांग्रेस नेता ने मेल टुडे को बताया कि सही उम्मीदवार का चयन करने के लिए प्रत्येक विधानसभा के वोटर शेयर का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी और उसी के आधार पर पार्टी आगे की रणनीति बनाकर अपने उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारेगी.

इसके अलावा पिछले चुनाव के विपरीत, पार्टी आखिरी समय तक टिकट के लिए इंतजार नहीं करेगी, बल्कि विपक्षी पार्टियों पर बढ़त बनाने के लिए पहले से ही उम्मीदवारों की घोषणा करने के लिए अभियान शुरू करेगी.

कांग्रेस बेहतर उम्मीदवार के चयन के लिए तथ्यों और आकड़ों के आधार पर निर्वांचन क्षेत्र के वोटर शेयर और वोटिंग पैंटर्न को लेकर वैज्ञानिक विश्ललेषण करेगी.

स्थानीय प्रतिक्रिया और क्षेत्र में उपस्थिति के अलावा, जनसांख्यिकीय और मतदान पैटर्नों के एक अध्ययन को ध्यान में पार्टी रखेगी. बीजेपी की रणनीति के जवाब में कांग्रेस उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के लिए इस फॉर्मूले को लेकर आगे बढ़ रही है.

इस वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए पेशवर विशेषज्ञों से मदद ली जाएगी तो करीब 80 लाख रुपये प्रति विधानसभा का खर्च हो सकता है. ऐसे में पार्टी इस अध्ययन के लिए अपने ही लोगों को उतारने के विकल्प पर भी विचार कर रही है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा, ‘हम लगातार उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में सुधार करने के लिए काम कर रहे हैं और इसे ठीक से जारी रखेंगे.

प्राथमिक रूप से उम्मीदवारों के चयन को सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक ध्यान दिया जाएगा ताकि उन्हें प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल जाए. एक वैज्ञानिक पद्धति भी सभी निर्वाचन क्षेत्र में मनोदशा की जमीनी हकीकत का आकलन करेगी.

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, ‘जो भी अनुसंधान बीजेपी अपना रही है, हम उनसे दो कदम आगे का उठाएंगे. अगले साल के अंत में हमारे राज्य में विधानसभा चुनाव हैं. जमीनी उम्मीदवार के साथ हम चुनाव में उतरेंगे.

उन्होंने कहा कि हम लगातार उम्मीदवारों पर अध्ययन कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में लड़े थे और निर्वाचन क्षेत्र में उनकी स्थिति बेहतर है. इसके अलावा कई ऐसे उम्मीदवार भी हैं, जो पिछला चुनाव हार चुके हैं, लेकिन अपने निर्वांचन क्षेत्र में लगातार सक्रीय रहे हैं. ऐसे में सार्वजनिक भावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने मेल टुडे को बताया, ‘हमारा फोकस राज्य की 35 अनुसूचित जाति और 43 अनुसूचित जनजाति वाली सीटों पर हैं. इनमें से कांग्रेस के पास मौजूदा समय में 3 एससी सीटें और 12 एसटी सीटें ही हैं.

Top Stories