शिवसेना नेता ने अजान को लेकर दिया बड़ा बयान, बीजेपी में हलचल!

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शिवसेना के दक्षिण मुंबई विभाग प्रमुख पांडुरंग सकपाल के मुस्लिम बच्चों के लिए ‘अजान पठन स्पर्धा’ के आयोजन के बयान पर राजनीति गरमा गई है।

भास्कर डॉट कॉम पर छपी खबर के अनुसार, विपक्षी दल भाजपा ने शिवसेना पर निशाना साधा है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख शिवसेना नेता सकपाल ने यूटर्न ले लिया। अब सकपाल ने कहा है कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

मैं अजान स्पर्धा का आयोजन नहीं कर रहा हूं। सकपाल ने अजान की तुलना महा-आरती से की है। शिवसेना के दक्षिण मुंबई विभाग प्रमुख पांडुरंग सपकाल ने कहा कि अजान सिर्फ 5 मिनट की होती है और यह महा-आरती जितनी ही महत्वपूर्ण है, जो शांति और प्रेम का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, ‘मैंने शिवसेना के पदाधिकारी शकील अहमद को अजान स्पर्धा के आयोजन के लिए सुझाव दिया था। इसमें कुछ गलत नहीं है। यदि अजान स्पर्धा का आयोजन होता भी है तो मैं वहां पर नहीं जाऊंगा।’

वहीं शिवसेना प्रवक्ता तथा प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल परब ने सकपाल के बयान के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए मीडिया से पीछा छुड़ाया।

परब ने कहा, ‘मुझे अजान स्पर्धा के आयोजन के बारे में पता नहीं है। मैं जानकारी हासिल करने के बाद कुछ कह सकूंगा।’

दूसरी ओर विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि सकपाल का बयान शिवसेना का बदला स्वरूप स्पष्ट करने वाला है। दरेकर ने कहा कि सकपाल शिवसेना सांसद संजय राऊत के करीबी हैं।

राऊत ने सत्ता टिकाने के लिए हिंदुत्व की तिलांजलि दी है। दरेकर ने कहा कि सकपाल ने अपने बयान में शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहब ठाकरे का उल्लेख किया है लेकिन बालासाहब ने किसी धर्म की पालकी नहीं उठाई थी।

उन्होंने लगातार आलोचना ही की थी। जबकि भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि अजान शिवसेना को काफी मीठा लगने लगा है।

शिवसेना इतनी धर्मनिरपेक्ष हो गई है कि AIMIM के सांसद असउद्दीन ओवैसी को शर्म आ जाए। शिवसेना ने भगवा झंडा कंधे से उतार दिया है। अब केवल हरा झंडा कंधे उठाना बाकी है।

इससे पहले सकपाल ने सोमवार को एक इंटरव्यू में कहा था कि अजान की आवाज में मिठास होती है। मुझे अजान को बार-बार सुनने का मन करता है।

इसलिए मैंने शिवसेना के उपविभाग प्रमुख शकील अहमद को अजान स्पर्धा का आयोजन करने को कहा है। इस स्पर्धा के लिए बच्चों को पुरस्कार दिया जाएगा।

पुरस्कार के लिए खर्च का वहन शिवसेना की ओर से किया जाएगा। मीडिया से बातचीत में सपकाल ने अजान की खासियत का बखान करते हुए भगवद् गीता पाठ प्रतिस्पर्धा की तर्ज पर अजान कॉम्पिटिशन कराने की बात कही थी।

उन्होंने कहा, ‘मैंने मुस्लिम बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुंबई के एक NGO माई फाउंडेशन को अजान कॉम्पिटिशन कराने पर विचार करने का सुझाव दिया है।’

सोमवार को सकपाल ने कहा था कि मैं कब्रिस्तान के पास रहता हूं। मैं प्रतिदिन अजान सुनता हूं। इससे मेरे मन में अजान स्पर्धा का विचार आया। हालांकि मैंने साल 2019 के चुनाव के समय भी शकील को स्पर्धा आयोजित करने को कहा था। हर धर्म ग्रंथ में मानवता की सीख दी गई है।

सकपाल ने कहा कि अजान से किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। जिसको तकलीफ होती हैं वे नमक के बराबर हैं। हिंदुओं में जैसे आरती होती है, वैसे ही मुस्लिम धर्म में अजान है। सकपाल ने कहा कि शिवसेना प्रमुख दिवंगत बालासाहब ठाकरे कभी किसी धर्म के खिलाफ नहीं थे।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी सभी धर्म के लोगों को साथ लेकर काम कर रहे हैं। राज्य मंत्रिमंडल में हर धर्म के लोग हैं। हम भाईचारा चाहते हैं।

अजान स्पर्धा को लेकर भाजपा की ओर से किए जा रहे हमले पर राकांपा ने शिवसेना का बचाव किया है। प्रदेश के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि देश में कला और अभिनय को धर्म का चश्मा लगाना उचित नहीं है।

अभिनेता दिलीप कुमार, शाहरुख खान, सलमान खान ने फिल्मों में मंदिर में सीन किए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है।

मलिक ने कहा कि भाजपा की ओर से शिवसेना का विरोध किया जा रहा है लेकिन सोलापुर समेत कई जगहों पर गीता पाठ में मुस्लिम लड़की ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया था।