जांच के नाम पर 70 छात्राओं के कपड़े जबरन उतरवाने वाले 9 कर्मचारी बर्खास्त

जांच के नाम पर 70 छात्राओं के कपड़े जबरन उतरवाने वाले 9 कर्मचारी बर्खास्त
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मुजफ्फरनगर के एक स्कूल के नौ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है । मजिस्ट्रेटी जांच के बाद इन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है । बर्खास्त कर्मचारियों को 70 नाबालिग छात्राओं के जबरन कपड़े उतरवाने दोषी पाया गया है ।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की वॉर्डन डॉक्टर सुरेखा तोमर ने लड़कियों के पीरियड्स की जांच करने के लिए उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया था। तोमर को कुछ दिन बाद ही नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।

बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश यादव ने बताया कि जांच में इस मामले में दोषी पाई गई वार्डन और अन्य स्टाफ के सदस्यों को तुरंत बर्खास्त कर दिया गया है। उनके कॉन्ट्रेक्ट को भी खत्म कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एसडीएम सदर एरिया रेनू सिंह ने डीएम के आदेश के बाद जांच बैठाई थी। जिसमें इन लोगों को दोषी पाया गया है।

बर्खास्त होने वालों में तोमर के बाद वॉर्डन बनीं नीता चौधरी के अलावा तीन टीचर, दो कुक एक अकाउंटेंट और एक चपरासी शामिल है। खतौली इलाके के सहायक बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि एसडीएम ने जांच में पाया कि ये लोग पीरियड्स की जांच के लिए जबरन कपडे़ उतरवाने के मामले में जिम्मेदार थे। इस महीने के बाद इन सभी लोगों का कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू होना था।

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