चक्रवाती तूफान तितली के कहर के साये में पूर्वी भारत, अब तक तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया

चक्रवाती तूफान तितली के कहर के साये में पूर्वी भारत, अब तक तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया

नई दिल्ली : चक्रवाती तूफान तितली के कहर के साये में ओडिशा के कई इलाके हैं. चक्रवाती तूफान ‘तितली’ (Cyclone Titli) गुरुवार को ओडिशा के गोपालपुर तट से टकराया, जिसकी रफ्तार काफी तेज थी. खतरे की आशंका को देखते हुए ओडिशा के अलावा, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में हाईअलर्ट जारी किया गया. अब तक तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है.

तूफान (Cyclone) की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ रही है और उसके कारण भारी बारिश और तबाही आने की आशंका है. ओडिशा के समुद्र तटीय इलाक़ों मसलन गोपालपुर के तट से तितली के टकराने से मौसम काफी भयावह हो गया है और इसकी वजह से इस पूरे क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है. तितली (Cyclone Titli) के ख़तरे के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्रप्रदेश सरकार ख़ास एहतियात बरत रही है. गुरुवार की सुबह जब ओडिशा के गोपालपुर तट से तितली टकराया, तो उसकी रफ्तार 145-150 किमी/घंटे थी. वहीं, बुधवार को हवा की रफ्तार 110-120 से बढ़कर 130-140 तक देखी गई. माना जा रहा है कि शुक्रवार तक तूफान अवदाब में बदल जाएग. ओडिशा और आंध्र तट पर रेड अलर्ट जारी है. गुरुवार सुबह तितली तूफान गोपालपुर और कलिंगपतनम के बीच रहेगा. इसके बाद दक्षिणी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा. हैरान करने वाली बात है कि बीते दो महीने में यह दूसरा ख़तरनाक तूफान है. तूफान की वजह से अगले दो दिनों भारी बारिश की आशंका है.


ओडिशा में ‘तितली’ तूफान पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार और प्रशासन अलर्ट पर हैं. हर किसी के लिए यह आगे आने का समय है. मुझे उम्मीद है कि सबके सहयोग के साथ इस संकट से निपट लिया जाएगा. 11 और 12 अक्टूबर को ओडिशा के कई शहरों में होने वाली ग्रुप डी की परीक्षा (RRB Group D Exam) ‘तितली’ तूफान (Titli Cyclone) के कारण स्थगित कर दी गई है. ग्रुप डी की कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा भुवनेश्वर, कटक, ढेंकनाल, संबलपुर, खुर्दा और ब्रह्मपुर में होनी थी. लेकिन अब ये परीक्षा स्थगित हो गई है. ओडिशा के तूफ़ान प्रभावित ज़िलों से गुज़रने वाली ट्रेनें या तो रद्द कर दी गई हैं या फिर उनका रूट बदल दिया गया है. आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं. आंध्र प्रदेश में भी तितली तूफ़ान का असर है.


ओडिशा में चार ज़िलों के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. ख़तरे की जगहों पर मौजूद लोगों को हटाया जा रहा है. ओडिशा से लगभग 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. साथ ही मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है. ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों में लोगों से घरों को खाली कराना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात का जायजा लिया और उच्च स्तरीय बैठक की. उन्होंने गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के कलेक्टरों से तटीय क्षेत्र में निचले इलाकों में रह रहे लोगों से तुरंत घर खाली कराने के लिए कहा है.

ओडिशा के गोपालपुर जिले से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. चक्रवात पहुंचने के दौरान समुद्र में करीब एक मीटर ऊंची लहरें उठने के भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के मद्देनजर तुरंत स्थान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. एनडीआरएफ और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के कर्मियों को पहले ही संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है. अभी तक सेना की मदद नहीं मांगी है. जरूरत पड़ने पर सेना की मदद ली जाएगी. एनडीआरएफ की 14 टीमें इसमें रेस्क्यू के लिए तैयार है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ‘कोई भी हताहत ना हो’ और आपदा के दौरान लोगों के रहने के लिए चक्रवात शरणार्थी शिविरों को तैयार रखने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्यभर में भारी बारिश के अनुमान के मद्देनजर सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को गुरुवार और शुक्रवार को बंद रखने के आदेश दिए हैं. गुरुवार को होने वाले कॉलेज छात्र संघ चुनाव भी रद्द कर दिए गए हैं.

तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई. मौसम विभाग ने गुरुवार तक कई इलाकों में ‘भारी से बहुत भारी वर्षा’ और कुछ इलाकों में ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने बताया कि गंजम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक, जाजपुर, भद्रक और बालासोर जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात का जायजा लिया. उन्होंने गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के कलेक्टरों से तटीय क्षेत्र में निचले इलाकों में रह रहे लोगों से तुरंत घर खाली कराने के लिए कहा है. तूफान 11 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे तक जारी रहेगा और हवा की तीव्रता 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो 165 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी. तूफान आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के पास से गुजरेगा.

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