मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दिए गए इलाहाबाद HC के फैसले का यासूब अब्बास ने किया स्वागत

मदरसों में राष्ट्रगान को लेकर दिए गए इलाहाबाद HC के फैसले का यासूब अब्बास ने किया स्वागत
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लखनऊ। शिया धर्मगुरू यासूब अब्बास ने मदरसों में राष्ट्रगान गाए जाने को लेकर दिए गए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश हमेशा धर्म से पहले आता है।

यासूब अब्बास  ने कहा, “मैं इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं, जिसने उत्तर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान गाए जाने के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया। मेरा मानना है कि देश हमेशा धर्म से पहले आता है”।

इस मुद्दे पर जोर देते हुए अब्बास ने कहा कि हर व्यक्ति को राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत गाना चाहिए और इनका अपमान नहीं करना चाहिए।

इसके साथ ही अब्बास ने सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने वाले अलौल मुस्तफा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “अदालत में जाने की कोई जरूरत नहीं थी”।

बता दें कि अलौल मुस्तफा उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक मदरसा चलाते है। उन्होंने सरकार के आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत मदरसों में राष्ट्रीय गान का गाना अनिवार्य कर दिया गया था।

मुस्तफा ने अपनी याचिका में मदरसे के छात्रों को राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर न किए जाने का अनुरोध किया था।

इससे पहले बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया था जिसके तहत राज्य में मदरसों सहित सभी स्कूलों में राष्ट्रीय गान का गाना अनिवार्य कर दिया गया था।

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