पद्मावती’ बैन- शिवराज सरकार को नोटिस, बताएं- किस आधार पर लगाई रोक

पद्मावती’ बैन- शिवराज सरकार को नोटिस, बताएं- किस आधार पर लगाई रोक
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ग्वालियर के सामाजिक कार्यकर्ता हरिमोहन भसनेरिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. आप को बता दें फिल्म ‘पद्मावती’ को मध्यप्रदेश में रिलीज नहीं होने देने की घोषणा पर उन्होंने उचित जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

भसनेरिया ने बताया कि उन्होंने अधिवक्ता पुरुषोत्तम राय के जरिए मुख्यमंत्री चौहान को नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने न तो देखा है और न ही उसपर अपनी राय जाहिर की है. फिल्म के प्रदर्शन और रोक का अधिकार सेंसर बोर्ड को है, लेकिन इससे पहले ही आपने (चौहान) राज्य में फिल्म के प्रदर्शन को प्रतिबंधित करने की घोषणा कर दी.

नोटिस में कहा गया है, “फिल्म ‘पद्मावती’ के प्रदर्शन पर रोक लगाने का फैसला भारतीय संविधान के खिलाफ है. यह सीधे अभिव्यक्ति की आजादी का हनन करने का प्रयास है.”

नोटिस में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया है, ‘आपने इस फिल्म को कब और कैसे देखा, किस कारण से आपने यह घोषणा की है या अटकलों के आधार पर आप इस निर्णय पर पहुंचे हैं. अगर अटकलों के आधार पर यह फैसला लिया गया है तो यह पद की गरिमा के खिलाफ है और कानूनन अपराध है.’
नोटिस में चेतावनी दी गई है, ‘अगर इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो पक्षकार कानूनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा. उसके हर्जाने और खर्च का निर्वाहन नोटिस ग्राहिता (नोटिस लेने वाले को) को वहन करना होगा.’

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