Thursday , April 26 2018

वर्ष 2019 में भाजपा और कांग्रेस की संसदीय संख्या में बदलाव होगा : शिव सेना

आगामी साल 2019 में भाजपा और कांग्रेस के संख्या बल में बदलाव की भविष्यवाणी करते हुए शिवसेना ने कहा कि यूपी और बिहार के उपचुनाव के परिणाम विपक्ष के लिए शुभ संकेत हैं। हालांकि, विपक्ष के पास एक मजबूत नेतृत्व नहीं है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अगले आम चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि से लड़ना होगा।

2019 के आम चुनावों से पहले भाजपा ने एक ही तेज झटके में तीन लोकसभा सीटों को खो दिया जिसमें उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और फूलपुर जबकि बिहार में अररिया संसदीय सीट शामिल है। सामना ने लिखा है कि उपचुनाव का परिणाम विपक्ष को उत्साह से भर देगा। पार्टी का कहना है कि लोग अब अपनी ‘कल्पना की दुनिया’ से बाहर आ रहे हैं।

शिवसेना का कहना है कि लोगों को अब एहसास हो गया है, कि उनके साथ धोखा हुआ है। हालांकि विपक्ष के पास ऐसा नेतृत्व नहीं है, जो जनता में व्याप्त आक्रोश को हवा दे सके। हालांकि, शिवसेना ने अगले वर्ष होने वाले आम चुनावों के बाद संसद में भाजपा और कांग्रेस की सदस्य संख्या में बदलाव आने की बात कही है।

शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के पास लोकसभा में फिलहाल 280 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के पास 50 सीटें भी नहीं हैं। यदि अन्य विपक्षी दलों को शामिल कर लिया जाए तो उनकी सम्मिलित सदस्य संख्या 150 भी नहीं पहुंचेगी। 2014 में यह स्थिति थी, लेकिन 2019 में इसमें पक्का बदलाव होगा।

सामना ने लिखा है कि राहुल गांधी (कांग्रेस अध्यक्ष) का कद बढ़ रहा है, लेकिन वह नेता राहुल गांधी नहीं हो सकते हैं। शरद पवार (राकांपा प्रमुख), ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख) और मायावती (बसपा सुप्रीमो) में प्रधानमंत्री बनने की लालसा पल रही है। शिवसेना का कहना है कि नरेन्द्र मोदी की छवि बड़े पर्दे के हीरो की तरह हो गई है और कांग्रेस अध्यक्ष को इस छवि से लड़ना होगा।

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