असुरक्षित यौन संबंध के कारण फैलने लगा है एड्स से खतरनाक बिमारी!

असुरक्षित यौन संबंध के कारण फैलने लगा है एड्स से खतरनाक बिमारी!

एड्स एक ऐसी बीमारी, जिसका पुख्ता इलाज आज भी पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है। शोधकर्ता अभी इस बीमारी से निपटने की राह भी नहीं तलाश सके थे कि अब उनके सामने इससे भी बड़ी और खतरनाक बीमारी सामने आ गई है।

एड्स से खतरनाक बिमारी हैं ने का दावा
दावा किया जा रहा है कि ये जानलेवा बीमारी पूरी दुनिया में एड्स से भी तेजी से फैल रही है। एड्स की तरह इस दूसरी खतरनाक बीमारी की भी प्रमुख वजह असुरक्षित यौन संबंध है।

इस बिमारी का नाम है सिफिलिस
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एड्स से भी ज्यादा तेजी से फैल रही इस बीमारी का नाम है सिफिलिस। बताया जा रहा है कि पिछले एक दशक में इस बीमारी का प्रकोप काफी ज्यादा बढ़ा है, खासतौर पर यूरोप में।

तेजी से फैलने लगा है यह बिमारी
वर्ष 2000 के दशक के बाद ये बीमारी कुछ देशों में एचआईवी के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैली है। सिफिलिस नाम की इस बीमारी से वर्ष 2016 में सबसे ज्यादा नवजात बच्चों की मौत हुई थी।

जागरण डॉट कॉम के अनुसार, यूरोप के रोग निवारण व नियंत्रण केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बेहद जरूरी है। समलैंगिक पुरुषों में भी असुरक्षित संबंधों की वजह से इस बीमारी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।

2010 के बाद से असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से इस रोग के मामलों में 70 फीसद तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

यूरोपीयन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) में यौन संक्रमण संबंधी मामलों के विशेषज्ञ एंड्रयू अमातो-गोची ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, ‘यूरोप सहित दुनिया के अन्य देशों में सिफिलिस बीमारी के बढ़ने की कई वजहें हैं।

साथी संग असुरक्षित यौन संबंध, कई लोगों के साथ यौन संबंध बनाना और एचआईवी संक्रमण का डर समाप्त होना शामिल है।’ मालूम हो कि सिफिलिस पर ये यूरोपीयन रिपोर्ट आने से करीब एक माह पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान जारी कर बताया था कि दुनिया भर में प्रतिदिन तकरीबन एक लाख से ज्यााद लोग असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से, संक्रमण संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

दुनिया क इन पांच देशों में सबसे परभाव
ईसीडीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिफिलिस की समस्या पांच देशों में सबसे ज्यादा है। ये देश हैं ब्रिटेन, जर्मनी, आयरलैंड, आइसलैंड और माल्टा। इन देशों में सिफिलिस की समस्या वैश्विक औसत के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा बढ़ी है।

केवल एस्टोनिया और रोमानिया ही दो ऐसे देश हैं, जहां इस बीमारी में 50 फीसद से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। इतना ही नहीं संस्था की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच सामने आए सिफिलिस के कुल मामलों में से दो तिहाई मामले समलैंगिक पुरुषों में, 23 फीसद मामले महिलाओं संग संबंध बनाने वाले पुरुषों में और 15 प्रतिशत मामले महिलाओं में सामने आए हैं। इन सबकी वजह असुरक्षित यौन संबंध है।

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