हम सिर्फ़ एसी में बैठकर ट्वीट नहीं कर सकते- सोनू सूद

हम सिर्फ़ एसी में बैठकर ट्वीट नहीं कर सकते- सोनू सूद

रोना वायरस से जंग में प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए एक्टर सोनू सूद अब आगे आए हैं. महाराष्ट्र और कर्नाटक सरकारों से अनुमति मिलने के बादस उन्होंने इस महामारी के बीच फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए खुद से बसों का इंतजाम किया.

 

इसी के साथ मजदूरों को विदा करने के लिए सोनू खुद मौके पर पहुंचे. सोनू सूद ने इस संकट की घड़ी में कई बसों का आयोजन किया.

 

इस पूरे मामले में जब सोनू सूद से बात की गई तो उन्होंने कहा- मुझे पूरा विश्वास है कि वर्तमान वक्त में जब हम सभी इस वैश्विक स्वास्थ्य आपदा का सामना कर रहे हैं, प्रत्येक भारतीय अपने परिवार और प्रियजनों के साथ रहना चाहता है. मैंने महाराष्ट्र और कर्नाटर सरकारों से इन प्रवासियों की घर वापसी में मदद करने के लिए लगभग दस बसों की आधिकारिक अनुमति ली थी.

 

 

सोनू सूद ने इस पूरे मसले पर कहा कि ये मेरा कर्तव्य है कि हम प्रवासियों को जो हमारे देश के दिल की धड़कन है उनकी मदद करें. हमने प्रवासियों को अपने परिवारों और बच्चों को सड़क पर चलते देखा है. हम सिर्फ एसी में बैठकर ट्वीट नहीं कर सकते और अपनी चिंता जब तक नहीं दिखा सकते हैं जब तक हम सड़कों पर नहीं जाते. जब तक हम उनमें से एक न बन जाते. तब तक उन्हें ये भरोसा नहीं होगा कि उनके लिए कोई खड़ा है.

 

सोनू ने आगे बताया कि अब मुझे बहुत सारे मेल और मैसेज रोज आते हैं कि जिसमें लोग कहते हैं कि वो यात्रा करना चाहते हैं और मैं सुबह से शाम तक नॉन-स्टॉप इसके लिए कोशिस कर रहा हूं. इस लॉकडाउन के दौरान यही मेरा एक मात्र काम है. मुझे इतना सूकून है कि मैं शब्दों में बता नहीं सकता.

 

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उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी काफी मददगार हैं. खास कर कागजी कार्रवाई का आयोजन करने में और कर्नाटक सरकार भी अपने प्रवासियों के घर वापस लाने में काफी मदद की. मुझे छोटे बच्चों और बूढ़े माता-पिता सहित सड़कों पर जाते प्रवासियों को देखकर काफी दुख हो रहा था. मैं अपनी क्षमता के मुताबिक अन्य राज्यों के लिए भी ऐसा करता रहूंगा. उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा था कि मजदूरों के चेहरों पर मुस्कान लाने से उनका दिन बन गया.

 

सोनू सूद ने इससे पहले अपने होटल के दरवाजे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए खोल दिए थे. इसके बाद उन्होंने मजदूरों के खाने की व्यवस्था की और अब उन लोगों की घर वापसी की राह आसान बनाई. सोनू सूद अब तक मुंबई में फंसे 1800 मजदूरों को बसों से घर भेज चुके हैं.

 

साभार- catch hindi

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