Tuesday , July 17 2018

कश्मीर : पथराव में गंभीर रूप से जख्मी पुलिस अधिकारी मंजूर अहमद बेग के स्वास्थ्य में सुधार

39 वर्षीय जम्मू और कश्मीर पुलिस अधिकारी मंजूर अहमद बेग के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वह जल्दी ही नौकरी पर वापस आएंगे। घाटी में हुई पथराव की घटना में जख्मी होने के बाद उन्हें दिल्ली की ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में स्थानांतरित किया गया था।

बेग को सिर और आंख पर चोट लगी थी। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) के डॉक्टरों ने उन्हें एम्स में भेजा। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती ने यहां दौरा किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। कश्मीर में बेग का परिवार उत्सुक है, उनकी दो बेटियां और दो महीने का एक बेटा है।

पिछले साल स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कश्मीर की अशांति को व्यापक रूप से कवरेज मिला था। अधिकारियों ने कहा था कि प्रदर्शन करने वालों ने उनको कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया था।

सेन्ट्रल कश्मीर के निगीन इलाके में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) बेग ने बताया कि मैं छह एस्कॉर्ट्स की टीम के साथ क्षेत्र के नियमित निरीक्षण पर था कि अचानक युवाओं के एक समूह ने मेरी बुलेटप्रूफ पुलिस वैन पर हमला कर दिया। इस पथराव में मेरे सिर और आंखों पर चोट पहुँची।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मियों के लिए कश्मीर में रोजाना खतरा है। उन्होंने कहा, यह एक हर रोज़ की कहानी है। हम पुलिस अधिकारियों को कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए अपनी ज़िंदगी खतरे में डालनी पड़ती है। केवल 10 से 15 प्रतिशत युवा वास्तव में घाटी में सद्भाव बिगाड़ रहे हैं। हमारा दुर्भाग्य यह है कि हम कश्मीर में पैदा हुए हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार मिलना चाहिए।

अस्पताल में, बेग अपने भाई साकिब फारूक के साथ है। फारूक ने बताया कि मेरे भाई पर हमला होने से एक दिन पहले पूरी घाटी बंद कर दी गई थी क्योंकि 11 आतंकवादी मारे गए थे और मेरा भाई शहर भर में गश्ती पर था। हालांकि, कुछ शरारतियों ने उनकी गाड़ी को मारा और मेरा भाई बुरी तरह घायल हो गया। अब वह खतरे से बाहर है।

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