Tuesday , April 24 2018

अब ऑनलाइन न्यूज पोर्टल्स पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की नजर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को एक समिति बनाई है जो कि ऑनलाइन मीडिया और न्यूज पोर्टल्स विनियमित करने के लिए कानून तय करेगी। इसमें दस सदस्य होंगे जिसका नेतृत्व सूचना एवं प्रसारण सचिव द्वारा किया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सचिव के अलावा इसमें इलेक्ट्रॉनिक एवं आईटी मंत्रालय, गृह मंत्रालय के सचिव और MyGov. के सीईओ शामिल हैं

इसमें डिजिटल प्रसारण को भी मिलाया गया है, जिसमें मनोरंजन / इंफोटेंमेंट और न्यूज / मीडिया एग्रीगेटर शामिल हैं।” इसके अलावा कमिटी को समान नियमों के लिए अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य का विशलेषण भी करना होगा।

आदेश के अनुसार, ऑनलाइन सूचना प्रसारण के क्षेत्र को वर्णित करना होगा, जिसे प्रिंट और टेलीविजन मीडिया के समान नियमों के तहत लाया जाना चाहिए। इसके अलावा केबल टेलीविजन नेटवर्कस एक्ट 1995 के प्रोग्राम एंड एडवर्टाइजिंग कोड्स के द्वारा प्राइवेट टेलीविजन चैनल्स के कंटेट को नियंत्रित किया जाएगा, जबकि प्रिंट मीडिया के लिए प्रेस काउंसलिंग ऑफ इंडिया है, जिसके अपने खुद के मानदंड हैं।

सरकार का मानना है कि ऑनलाइन मीडिया, न्यूज पोर्टल्स और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग के लिए कोई दिशा-निर्देश और मानदंड नहीं हैं। इससे पहले स्मृति ईरानी के मंत्रालय द्वारा फेक न्यूज दिखाने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

इन दिशा-निर्देशों के अनुसार यह कहा गया था कि अगर कोई भी पत्रकार फेक न्यूज दिखाता है तो उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। हालांकि मंत्रालय के इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीकार नहीं किया था।

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