एनकाउंटर केस: सोहराबुद्दीन का भाई ने गवाह बनने की इच्छा जाहिर की

एनकाउंटर केस: सोहराबुद्दीन का भाई ने गवाह बनने की इच्छा जाहिर की
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उदयपुर. सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में गुरुवार को मुम्बई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में चल रही ट्रायल के दौरान अचानक सोहराबुद्दीन के भाई शाहनवाजुद्दीन वकीलों के एक दल के साथ पहुंचे और कोर्ट को एक एप्लीकेशन देकर शाहनवाजुद्दीन ने गवाह बनने की इच्छा जाहिर की। इसके साथ सीबीआई पर आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण गवाह होने के बावजूद सीबीआई ने उसे गवाह सूची में शामिल नहीं किया है। कोर्ट में चली बहस के बाद न्यायाधीश ने शाहनवाजुद्दीन की ओर से दी एप्लीकेशन स्वीकार कर ली है और इस पर सीबीआई से जवाब मांगा है।

शाहनवाजुद्दीन ने कोर्ट को बताया कि अभय चूडाश्मा ने तुलसी को यह कहकर विश्वास में लिया था कि सोहराबुद्दीन की गिरफ्तारी को लेकर बहुत ज्यादा पॉलीटिकल प्रेशर है। ऐसे में गिरफ्तार करना जरूरी है। तुलसी ने उस समय खुद की जान को खतरा बताते हुए यह भी कहा था कि सोहराबुद्दीन और कौसर बी के अपहरण का वह चश्मदीद गवाह है, ऐसे में उसकी हत्या भी हो सकती है।

शाहनवाजुद्दीन ने कोर्ट में कहा कि तुलसी ने उसे गुजरात बीजेपी नेता, राजस्थान के बीजेपी नेता और पुलिस अधिकारियों के नाम भी बताए थे, जो सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जुड़े हुए थे। लेकिन उसने एप्लीकेशन में गुजरात के बीजेपी नेता का नाम नहीं लिखा है, क्योंकि नाम लेने से उसे भी खतरा हो जाएगा।

थाशाहनवाजुद्दीन ने एप्लीकेशन में बताया कि तुलसी अक्टूबर 2006 में पेशी पर उज्जैन लाया गया था, तब वह तुलसी से वहां मिला था। तुलसी ने पेशी पर हुई मुलाकात के समय उससे मांफी मांगी थी कि गुजरात के पुलिस अधिकारी अभय चूडाश्मा ने उसका उपयोग किया और उसे धोखे में रखकर वे सोहराबुद्दीन तक पहुंचे थे।

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