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राष्ट्रपति मैत्रीपाल ने की श्रीलंका में आपातकालीन हटाने की घोषणा

कोलम्बो। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने देश में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद 6 मार्च को देश भर में लागू आपातकाल को हटाने की घोषणा की है। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर एक पोस्ट कर यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा की स्थिति का आकलन करने के बाद सरकार ने आधी रात से आपातकालीन स्थिति को रद्द करने का निर्देश दिया।

श्रीलंका की सरकार ने प्रासंगिक राजपत्र अधिसूचना कल रात जारी की। इसके बाद सरकारी प्रेस की सूचना दी गई। जापान की छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा के बाद राष्ट्रपति सिरीसेना ने शनिवार रात देश लौट आने के बाद अधिसूचना जारी कर दी। पुलिस ने बताया कि सुरम्य पहाड़ी रिजॉर्ट की स्थिति सामान्य हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि क्षतिग्रस्त घरों और व्यवसायों के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

दंगों के सिलसिले में 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इस महीने के अंत तक उन्हें हिरासत में भेज दिया गया है। राज्य के आपातकाल में सिरीसेना ने सेना में बुलाए जाने की भी अनुमति दे दी थी, क्योंकि पुलिस शुरू में दंगों को नियंत्रित करने में नाकाम रही थी, जो कि कैंडी के कई उपनगरों में फैल गई थी। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने दस दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा कर दी थी। हालात पर काबू पाने के लिए सोशल मीडिया वेबसाइटों और फ़ोन मैसेजिंग सेवाएं भी प्रतिबंधित की गई थीं।

इस महीने की शुरुआत में कैंडी में एक अस्पताल में चार मुस्लिम पुरुषों द्वारा एक सिंहली की पिटाई के बाद अशांति की शुरुआत हुई। अगले दिन, सिंहली भीड़ ने मुसलमानों के स्वामित्व वाले घरों और व्यवसायों के लिए आग लगा दी। श्रीलंका की संसद ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए माफी जारी की है जिसमें देश की जनसंख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा 21 मिलियन है।

गौरतलब है कि 4 मार्च को कैंडी ज़िले में एक हिंसक झड़प में दो लोगों की हत्या हुई थी इसके अलावा कई मस्जिदों और घरों को नुकसान पहुंचाया गया था।
सिंहली बौद्ध समुदाय द्वारा मुसलमानों और उनके घरों और दुकानों पर हमले के बाद उपजी अशांति के कारण मध्य श्रीलंका के इस ज़िले में कर्फ़्यू लगाया गया था।

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