Tuesday , September 25 2018

श्रीलंका में फिर हिंसा, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से छीना पुलिस विभाग

श्रीलंका के कैंडी जिले में ताजा सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी जहां झड़पों में घर एवं दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. इससे चिंतित राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से कानून एवं व्यवस्था विभाग छीन लिया है.

दंगा प्रभावित कैंडी जिले में आपातकाल एवं भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती के बावजूद बौद्धों और मुस्लिमों के बीच हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. सोमवार से जारी मुस्लिम विरोधी दंगों में कई घर, व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं मस्जिदें नष्ट कर दी गयीं. यह हिंसा पिछले हफ्ते बौद्ध सिंहली बहुसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति की मौत के बाद भड़की थी.

सिरीसेना सरकार ने इसके बाद आपातकाल की घोषणा कर दी थी. मुस्लिम प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए बहुसंख्यकों की तरफ से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की जानकारी के बाद सरकार ने इंटरनेट बंद करने तथा फेसबुक एवं व्हाट्सएप सहित सोशल मीडिया को ब्लॉक करने का आदेश दिया था.

मीडिया में आयी खबरों के अनुसार भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद इस हिंसाग्रस्त जिले में पेट्रोल बम फेंके गए. मुस्लिम विरोधी दंगों में दो लोगों की जान चली गयी है. पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी समेत अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.


पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगने के बाद इससे पहले गुरुवार दिन में राष्ट्रपति सिरीसेना ने प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे को कानून व्यवस्था मंत्री पद से हटा दिया. विक्रमसिंघे ने 11 दिन पहले ही कानून व्यवस्था मंत्री पद की शपथ ली थी.

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