Tuesday , April 24 2018

‘श्री श्री का एजेंडा बेनक़ाब, कोर्ट को नोटिस लेना चाहिए’

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद राम मंदिर विवाद को कोर्ट से बाहर समाधान कराने पर आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के जरिए युद्धग्रस्त वाले बयान पर विभिन्न क्षेत्रों से निन्दात्मक प्रक्रिया सामने आ रहे हैं।

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आल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल कासमी ने आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के इस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर अयोध्या में राम मंदिर नहीं बना तो भारत में सीरिया की तरह नरसंहार शुरू हो जाएगी।

मौलाना ने कहा कि पहले बाबरी मस्जिद से हाथ धोने के लिए मुसलमानों को बहलाने और फुसलाने की कोशिश की जिसमें नाकाम हो गये तो अब शांति और मोहब्बत का राग अलापने वाले श्री श्री लोगों को धमकाने और देश में नफरत की माहौल तैयार करने पर उतर आए हैं जो बेहद चिंताजनक है।

मौलाना ने कहा कि भारत के मुसलमान और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीअत उलेमा ए हिन्द जैसी उलेमा ए हिन्द जैसी मुसलमानों की प्रतिनिधित्व संगठनों ने साफ़ तौर पर कह दिया है कि बाबरी मस्जिद और राम मंदिर के मुद्दे में सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आयेगा वह उन्हें कुबूल होगा क्योंकि वह सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए और उनका मानना है कि उस मुद्दे का समाधान सुप्रीम कोर्ट के जरिए ही संभव है, ऐसे में श्री श्री का यह कहना कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुद्दा को समाधान करने की बजाय भारत में सीरिया जैसी युद्धग्रस्त की वजह होगा यह बेहद चिंताजनक है।

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