बम धमाकों के बाद दहशत में जी रहे हैं श्रीलंका के मुसलमान!

बम धमाकों के बाद दहशत में जी रहे हैं श्रीलंका के मुसलमान!

श्रीलंका में हुए बम धमाकों का आरोप नेशनल तौहीद जमात पर है. ये नया कट्टरपंथी संगठन है. पिछले सालों में श्रीलंका में बौद्ध और मुस्लिमों में टकराव बढ़ा है जिससे कट्टरता बढ़ती जा रही है. क्या है इसकी पूरी कहानी, जानते हैं.

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मारे गए लोगों में 40 से भी अधिक विदेशी नागरिक हैं जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं. श्रीलंका सरकार का कहना है कि इन धमाकों में चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात का हाथ है. इसे किसी बाहरी आतंकी समूह से मदद मिली थी.

इस्लामिक स्टेट ने भी इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि तौहीद जमात और इस्लामिक स्टेट ने मिलकर ये धमाके किए हैं. आत्मघाती हमले करने वाले आतंकी श्रीलंकाई नागरिक थे. पुलिस ने करीब 40 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक सीरियाई नागरिक शामिल है.

नेशनल तौहीद जमात श्रीलंका के लिए एक नया चरमपंथी संगठन है. इसको श्रीलंका तौहीद जमात से अलग हुआ एक उग्रवादी संगठन माना जाता है. श्रीलंका तौहीद जमात के सचिव अब्दुल राजिक को बौद्ध लोगों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के मामले में 2016 में गिरफ्तार किया गया था.

इसके बाद उन्होंने इन भाषणों के लिए माफी मांगी थी. नेशनल तौहीद जमात में तौहीद शब्द का अर्थ ईश्वर सिर्फ एक है यानी बस अल्लाह है. जमात शब्द का अर्थ लोगों का समूह होता है. ऐसे में इसके नाम का मतलब सिर्फ अल्लाह को मानने वाले लोगों का समूह है. ये इस्लाम के कट्टरपंथी बहावी विचारधारा से जुड़ा हुआ है. नेशनल तौहीद जमात की विचारधारा इस्लामिक स्टेट से मिलती है.

पहली बार नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का नाम 2017 में सामने आया था. 2015 के चुनावों में महिंदा राजपक्षे की हार के बाद सुस्त पड़ गए बौद्ध कट्टरपंथी संगठन बोदू बाला सेना ने फिर से अपना मुस्लिम विरोधी अभियान शुरू किया.

ऐसे में श्रीलंका तौहीद जमात से अलग होकर एक नया चरमपंथी धड़ा एनटीजे बना. 26 दिसंबर, 2018 को केगाले जिले के मवानेला में हथौड़ा और दूसरे औजार लेकर आए बाइकसवारों ने बुद्ध की कुछ मूर्तियां तोड़ी थीं.

पुलिस ने तब सात लोगों को इस आरोप में गिरफ्तार किया जिन्होंने खुद को एनटीजे से जुड़ा बताया. इसी संगठन से जुड़े दो और लोगों की तलाश करते हुए पुलिस को कोलंबो के पुत्तलम जिले के एक नारियल के खेत में भारी मात्रा में विस्फोटक मिला था.

पुलिस ने इसी संगठन से जुड़े चार और लोगों को इस जगह से गिरफ्तार किया था. तब से नेशनल तौहीद जमात को एक हिंसक चरमपंथी संगठन के रूप में पहचान मिली.

साभार- डी डब्ल्यू

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