Tuesday , September 25 2018

योगी सरकार का ऐलान, कासगंज दंगे की होगी SIT जांच

कासगंज की घटना की उत्तरप्रदेश सरकार एसआईटी जांच कराएगी।  विधानसभा में यह ऐलान गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने किया, पर सपा, बसपा व कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने इससे असतुंष्ट होकर सदन का दिन भर के लिए बायकाट कर दिया। इन दलों की मांग थी कि कासगंज दंगे की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज से कराई जाए। पर सरकार ने इसे नहीं माना।  संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि एसआईटी इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी और रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

वही रामगोविंद चौधरी विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष ने नियम 56 के तहत कासगंज मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि कासगंज में हिंसा सुनियोजित साजिश के तहत हिंसा कराई गई और मुसलमानों पर जानबूझ कर निशाने पर लिया गया। उन्होंने घटना का ब्यौरा देते हुए कहा कि 26 जनवरी को कासगंज में मोटर साइकिल सवार कुछ लोग आते हैं। वो तिरंगे के साथ किसी विशेष संगठन का झंडा लेकर भी पहुंचे थे। कासगंज में कोई हिन्दू मुस्लिम दंगा नहीं हुआ बल्कि विशेष संगठन के लोगों ने मुस्लिम लोगों को निशाना बनाया।

राम गोविंद चौधरी ने कहा कि कासगंज में सिर्फ मुस्लिम की दुकानें, घर, मस्जिद व अन्य को निशाना बनाया गया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नेता विरोधी दल को रोकते हुए कहा कि किसी विशेष समुदाय का नाम लेकर विधानसभा में चर्चा कर रहे हैं। ये सही नहीं है। बसपा नेता नेता लाल जी वर्मा ने कहा कि प्रदेश में आपराधिक घटनाएं हो रही हैं और सरकार कानून का राज बता रही है।

 

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